
एमएसपी पर क्यों नहीं हो रही बाजरा की खरीद, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब
जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि खरीफ सीजन-2020-21 के बाजरा की खरीद क्यों नहीं की जा रही। कोर्ट ने राज्य सरकार को 28 अक्टूबर तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही केंद्र सरकार को भी अपना पक्ष रखने को कहा है।
न्यायाधीश विजय बिश्नोई व न्यायाधीश सुदेश बंसल की खंडपीठ में याचिकाकर्ता किसान वेलफेयर सोसायटी, पाली की ओर से अधिवक्ता मोतीसिंह राजपुरोहित ने कहा कि केंद्र सरकार ने खरीफ वर्ष 2020-21 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद किए जाने के लिए फसलों को अधिसूचित किया था, लेकिन राज्य सरकार ने बंपर पैदावार के बावजूद बाजरा की खरीद प्रारंभ नहीं की। जबकि ये फसल समूचे राजस्थान में बहुतायत में उगाई जाती है। जिन फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं, उनके स्थायी खरीद केंद्र भी स्थापित नहीं किए गए हैं। सरकार को पंचायत स्तर पर खरीद को सुगम बनाने के लिए स्थायी खरीद केंद्र स्थापित करने चाहिए। याचिका में राजस्थान पत्रिका में पिछले साल 5 दिसंबर को प्रकाशित समाचार ‘बंपर बाजरे पर अब सियासी बाजीगरी’ का हवाला देते हुए कहा गया कि बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2150 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था, जबकि सरकारी खरीद नहीं होने से किसान मंडियों में औने-पौने दाम पर उपज बेचने को मजबूर हुए।
Updated on:
24 Oct 2021 04:45 pm
Published on:
24 Oct 2021 04:45 pm
