
जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट में सोमवार को कमर्शियल कोट्र्स पुन: शुरू करने के मामले की सुनवाई हुई। जस्टिस संगीत लोढ़ा की खंडपीठ ने पिछली सुनवाई में दो सप्ताह में कोर्ट शुरू करने का पूछने पर सरकार की ओर से समय लगने की बात कही गई, तो खंडपीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार मूर्तियों पर करोड़ों खर्च कर देती है, लेकिन सही काम में टालमटोल कर रही है। कॉमर्शियल कोर्ट दस माह से बंद पड़े हैं और फाइलें इधर-उधर की जा रही है। एक सप्ताह में कोर्ट शुरू करने की स्वीकृति पेश करें अन्यथा एसीएस फाइनेंस 14 अगस्त को पेश हों।
पिछली सुनवाई में सरकार ने छह कोर्ट संभागीय मुख्यालयों पर व 9 कोर्ट जयपुर में खोलने की जानकारी दी थी। इस पर हाईकोर्ट ने दो सप्ताह में पालना रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। सोमवार को खंडपीठ ने एएजी राजेश पंवार से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसमें समय लगेगा। वित्त विभाग ने फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी हुई हुई है। वहां से स्वीकृति आने कोर्ट खोले जाएंगे। इस पर खंडपीठ ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वित्त मंत्रालय और सीएमओ तो एक ही हैं, यह क्या जवाब दे रहे हैं। राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन की ओर से कॉमर्शियल कोर्ट बंद किए जाने को चुनौती देने वाली जनहित याचिका की सुनवाई में अधिवक्ता रणजीत जोशी, अनिल भंडारी, सुनील भंडारी आदि ने पैरवी की।