जोधपुर. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने राजस्थान हाईकोर्ट न्यायाधीशों के रूप में छह न्यायिक अधिकारियों तथा एक अधिवक्ता की नियुक्ति की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी है। पिछले लंबे समय से राजस्थान हाईकोर्ट न्यायाधीशों की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में यह सिफारिश काफी अहम मानी जा रही है।
कॉलेजियम ने बुधवार को लंबित सभी नामों पर विचार करने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट की मुख्यपीठ में वकालत कर रहे मनीष सिसोदिया के नाम को हरी झंडी दी। इसके अलावा न्यायिक अधिकारियों के संवर्ग से जिला न्यायाधीश बालोतरा देवेन्द्र कच्छवाह, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल सतीश कुमार शर्मा, सेवानिवृत न्यायाधीश प्रभा शर्मा, अलवर के जिला न्यायाधीश मनोज कुमार व्यास, पाली के जिला न्यायाधीश रामेश्वर व्यास तथा जोधपुर (ग्रामीण) के जिला न्यायाधीश चंद्रकुमार सोनगरा को हाईकोर्ट न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की गई है।
राजस्थान हाईकोर्ट की तीन सदस्यीय कॉलेजियम ने 28 मई, 2018 को 9 अधिवक्ताओं तथा 11 न्यायिक अधिकारियों को न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की थी। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पिछले साल 24 जुलाई को अधिवक्ताओं के केवल दो नाम ही केंद्र सरकार को भेजे थे, जिनमें से एक सिफारिश केंद्र के स्तर पर वर्तमान में लंबित है।
अधिवक्ता मनीष सिसोदिया का नाम पिछली बैठक में विचारार्थ लंबित रखा गया था। इसी तरह न्यायिक अधिकारियों के 11 नामों में दो न्याायधीश नियुक्त हो चुके हैं। छह नाम अब भेजे गए हैं। गौरतलब है कि राजस्थान हाईकोर्ट में वर्तमान में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 50 है, लेकिन वर्तमान में केवल 21 न्यायाधीश ही कार्यरत है। इस साल तीन और न्यायाधीश सेवानिवृत हो जाएंगे।