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जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने आइसीआइसीआइ लोम्बार्ड जनरल इन्श्योरेंस कंपनी के आग्रह पर मोटर एक्सीडेंट मामलों में अवार्ड पारित करने से पहले व बाद की गाइड लाइंस जारी की है। इसका उद्देश्य यह है कि अवार्ड राशि गलत तत्वों या दलालों के हाथों में नहीं पड़े बल्कि दावेदारों के खाते में ही जमा हो। जस्टिस संदीप मेहता ने गाइड लाइंस जारी करते हुए रजिस्ट्रार हाईकोर्ट के माध्यम से मुख्य न्यायधीश से यह गाइड लाइन्स को सभी एमएसिटी कोट्र्स को जारी करने का आग्रह किया है।
एक मामले की सुनवाई में याचिकाकर्ता की ओर से विनय कोठारी ने कहा कि अधिकांश मामलों में एमएसिटी कोट्र्स की ओर से जारी अवार्ड की पूरी राशि (कई बार पूरी की पूरी राशि) दावेदारों को नहीं मिलती। अवार्ड पारित होने के बाद है। इसकी शिकायत इंश्योरेंस कंपनियों को मिलती रहती है। इसलिए कंपनी की इच्छा है कि हाईकोर्ट गाइड लाइंस जारी करे ताकि दावेदार को उसके हक की राशि मिल सके।
यह है गाइड लाइंस
एमएसिटी कोट्र्स अवार्ड जारी करने से पहले दावेदार के बैंक खाते की सत्यापित डिटेल्स प्राप्त कर लें। इसमें पासबुक के पहले पेज पर दावेदार का फोटो लगा हो। इसके अलावा दावेदार का पैनकार्ड नम्बर अथवा टीडीएस के लिए आवश्यक घोषणा पत्र प्राप्त करें। दावा करने के बाद उसमें जोडे गए नए व्यक्ति के बारे में पीडि़त अथवा दावेदार द्वारा उसकी पूर्ण जानकारी और जोडने का कारण लिया जाए। दावेदार के नाबालिग होने पर उसके बैंक खाते और गार्जियन की भी जानकारी प्राप्त की जाए।
अवार्ड जारी करने के बाद की प्रक्रिया
अवार्ड जारी करने के बाद एमएसिटी कोट्र्स इन्श्योरेंस कंपनियों अथवा ट्रॉसपोर्ट कंपनियों (जिसे भी अवार्ड के अनुसार मुआवजे का भुगतान करना है) अवार्ड की राशि दावेदार के खाते में सीधे एनईएफटी अथवा आरटीजीएस के माध्यम से दावा अधिकरण के खातों में जमा कराएं। रजिस्ट्रार कार्यालय इस मामले में एमसिटी कोट्र्स अथवा जिला न्यायालयों को अलग से खाते खोलने के उचित निर्देश जारी करेेंगे जिस के आरंभ में एमसिटी शब्द अंकित होगा। इन्श्योरेंस कंपनियों अथवा ट्रॉसपोर्ट कंपनियां एक निर्धारित फार्मेट पर संबंधित कोर्ट को बैंक भुगतान की जानकारी और स्टेटमेंट भी कोर्ट में जमा कराएंगे। बैंक द्वारा संबंधित कोर्ट के नाम से भुगतान प्राप्त करने की पेमेंट एडवाइस भी जारी की जाएगी। इसके बाद में कोर्ट दावेदार को अपने अकाउंट में से सीधे ही दावेदार के खाते में जिसका जिक्र अवार्ड में भी किया हुआ होगा, सीधी एनईएफटी या आरटीजीएस के माध्यम से मुआवजे की राशि जमा कराई जाएगी।
Published on:
30 Oct 2018 12:45 pm
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