25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

युवा पीढ़ी को संस्कृति से रू-ब-रू कराना जरूरी : पूर्व सांसद गजसिंह

Rajasthan News : गुलाब कोठारी सहित 18 व्यक्तित्व मारवाड़ रत्न पुरस्कार से सम्मानित

3 min read
Google source verification

Rajasthan News : युवा पीढ़ी को इतिहास और संस्कृति से रू-ब-रू करवाना आवश्यक है, तभी संस्कार, संस्कृति, इतिहास और विरासत को बचा पाएंगे। यह विचार पूर्व सांसद व महरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के मुख्य प्रबंध न्यासी गजसिंह ने जोधपुर के 566वें स्थापना दिवस समारोह में व्यक्त किए। महरानगढ़ के रासोलाई तालाब के सामने आयोजित समारोह में अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए गजसिंह ने कहा कि समय के साथ आधुनिक बने और घरों को आधुनिकता के साथ बदले, लेकिन उसके बाहरी स्वरूप को यथावत रखें। उन्होंने किला रोड पर हो रहे अतिक्रमणों पर भी चिंता जताई। राजस्थानी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने व राजस्थानी भाषा को राज्य की दूसरी भाषा का दर्जा देने पर जोर दिया। समारोह में राजस्थान पत्रिका के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी सहित 18 शख्सियतों को मारवाड़ रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

अपनत्व, मीठी बोली, संस्कार यहां की नींव

समारोह के मुख्य अतिथि सूरसागर विधायक देवेन्द्र जोशी ने कहा कि हमारी मातृ भाषा में ही हमारे संस्कार विद्यमान हैं। यदि मातृभाषा विलुप्त हो गई तो संस्कार खत्म हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि यहां का अपनत्व, मीठी बोली, संस्कार यहां की नींव में विद्यमान हैं। उन्होंने मारवाड़ में बढ़ती नशे की गतिविधियों पर चिंता व्यक्त की। जोधपुर स्थापना दिवस समिति के सचिव प्रो. जहूर खां मेहर ने स्वागत उद्बोधन दिया। अन्त में महाराजा मानसिंह पुस्तक प्रकाश शोध केन्द्र के सहायक निदेशक डॉ. महेन्द्रसिंह तंवर ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर हेमलता राज्ये, सैनाचार्य स्वामी अचलानन्द गिरि महाराज, जोधपुर के गणमान्य नागरिक मौजूद थे। संचालन नेमीचन्द ने किया।

चिकित्सा, शिक्षा, खेल, लेखन सहित कई क्षेत्रों में दिया सम्मान

शिक्षा, साहित्य व लेखन के क्षेत्र में योगदान के लिए राजस्थान पत्रिका के प्रधान संपादक व लेखक गुलाब कोठारी को महाराजा मानसिंह सम्मान से नवाजा गया। कोठारी की ओर से राजस्थान पत्रिका के जोधपुर संस्करण के सम्पादकीय प्रभारी अभिषेक सिंघल ने पुरस्कार ग्रहण किया। गरिमापूर्ण माहौल में हुए समारोह के दौरान चिकित्सा क्षेत्र में डॉ. भीम सेन ङ्क्षसघल को राव सीहा सम्मान, मारवाड़ में स्थाई महत्व की सेवाओं के लिए लेडी हेलन हैमलिन को महाराजा सर प्रतापसिंह सम्मान, समाज सेवा के क्षेत्र में राजेन्द्र परिहार को राव जोधा सम्मान, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में प्रो. (डॉ.) मनोज चौधरी को महाराजा हनवन्तसिंह सम्मान, असाधारण बहादुरी के लिए ब्रिगेडियर विक्रम शेखावत को मेजर दलपतसिंह (एम.सी.) सम्मान, संग्रहालय विज्ञान के क्षेत्र में सब्यसाची मुखर्जी को कुंवर करणीसिंह जसोल सम्मान, लोक संगीत के क्षेत्र में दिव्य भाटिया को पद्मश्री कोमल कोठारी सम्मान प्रदान किया गया। इसी प्रकार लोक गायन के क्षेत्र में इला अरूण को महाराजा विजयसिंह सम्मान, प्राकृतिक विरासत संरक्षण के लिए पुष्पेन्द्र सिंह चौहान को एच.एच. महाराजा उम्मेदसिंह सम्मान, महिला सशक्तीकरण के लिए दिव्यालोक सेवा संस्थान को राजदादीसा बदन कंवर भटियाणीजी सम्मान, बालिका शिक्षा के क्षेत्र में ज्योत्सना बरार को एच.एच. राजमाता कृष्णाकुमारी सम्मान, संस्कृति विरासत संरक्षण के क्षेत्र में मनु भटनागर को एच.एच. महाराजा गजसिंह (द्वितीय) सम्मान, अंतरराष्ट्रीय खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिव्यकृति सिंह राठौड़ को चिरंजीव युवराज शिवराजसिंह सम्मान, पत्रकारिता के क्षेत्र में ओम थानवी को मुहता नैणसी सम्मान, राजस्थानी भाषा व साहित्य के क्षेत्र में डॉ. गजेसिंह राजपुरोहित को पद्मश्री सीताराम लालस सम्मान, राजस्थानी काव्य साहित्य के उन्नयन के लिए गिरधर दान रतनू को डॉ. नारायणसिंह भाटी ‘मालूंगा’ सम्मान तथा शौर्यपूर्ण कार्य के लिए नरेन्द्र सिंह शेखावत को राजाराम मेघवाल सम्मान प्रदान किया गया। पुरस्कार के तहत प्रतिभाओं को शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र, नकद राशि देकर सम्मान किया गया। इस दौरान सम्मानित प्रतिभाओं की विशिष्ट उपलब्धियों के बारेे में विस्तार से जानकारी दी गई।

‘जोधपुर दुर्ग: महरानगढ़’ पुस्तक का लोकार्पण

ट्रस्ट के महाप्रबन्धक जगतसिंह राठौड़ ने बताया कि जसवन्तथड़ा पहाड़ी पर स्थित राव जोधा की मूर्ति, शहीदों व राजाराम मेघवाल को पुष्पांजलि अर्पित की गई। पूर्व सांसद गजसिंह ने राव जोधा के फलसे पर पूजा की। समारोह में डॉ. महेन्द्र सिंह तंवर लिखित पुस्तक ‘जोधपुर दुर्ग: महरानगढ़’ का लोकार्पण हुआ। ‘मैं थांसूं दूर नहीं: लेगेसी ऑफ महाराजा हनवन्तसिंह’ डॉक्यूमेंट्री का यू-ट्यूब पर वर्ल्ड वाइड लॉन्च व फोटो संस्करण जारी किया गया। सरोद वादक निजार खान ने संगीतमय प्रस्तुति दी।

लोक कलाकारों ने दी रंगारंग प्रस्तुति

जोधपुर का 566वां स्थापना दिवस विभिन्न मनोहारी व आकर्षक कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। जिला प्रशासन एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में कई कार्यक्रम हुए। इस अवसर पर पर्यटन विभाग की ओर से जोधपुर के पर्यटन स्थलों पर राजस्थानी लोक कलाकारों की प्रस्तुति का आयोजन करवाया गया।

यह भी पढ़ें- Jodhpur Foundation Day : सूर्यनगरी की ‘शान’ है ये किला, दुनियाभर से आते हैं पर्यटक, जानें इसका इतिहास