
मुंबई पुलिस की ओर से रविवार को यहां मोगड़ा खुर्द और झालामण्ड के हनुमानदड़ी क्षेत्र में एमडी ड्रग बनाने की लैब (फैक्ट्री) व सामान जब्त करने के मामले में नया खुलासा हुआ है। यह लैब मुंबई में पकड़े गए अपराधियों की ही थी। महाराष्ट्र पुलिस की नारकोटिक्स ड्रग रैकेट के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान से डरकर अपराधियों ने तीन महीने पहले इसे जोधपुर में शिफ्ट किया था।
मुंबई पुलिस की ओर से वहां चार दिन पहले गिरफ्तार किए गए मुख्य सरगना प्रशांत यलप्पा पाटिल (33) ने 6 महीने पहले यह लैब मराठवाड़ा में डाली थी। फरवरी में ही जोधपुर के मोगड़ा खुर्द में हुकमाराम चौधरी के खेत में शिफ्ट की। प्रशांत ने एमडी ड्रग खुद ही तैयार की थी। वह मास्टर ऑफ साइंस (एमएससी) केमेस्ट्री का स्टूडेंट है। उसने एक साल तक इंटरनेट पर इसे तैयार करने वाले केमिकल की सर्च की और विभिन्न प्रयोग किए। प्रशांत ने करीब तीन बार विभिन्न रासायनिक क्रियाएं करवाई, जिसके बाद ड्रग बनाने में सफलता प्राप्त की।
महाराष्ट्र के पुणे स्थित साकीनाका पुलिस ने 31 दिसम्बर 2023 को न्यू ईयर बंदोबस्त के समय संदेहास्पद नजर आने पर 22 साल के सरफराज शेख को पकड़ा था। उसकी निशानदेही पर दो और आरोपी पकड़े गए। मुख्य सरगना प्रशांत भागने में सफल रहा। महाराष्ट्र पुलिस की लगातार दबिशों के कारण प्रशांत ने भूमिगत रहते हुए जोधपुर में लैब शिफ्ट कर दी। यहां बड़ा रेगिस्तानी क्षेत्र है। खेत बड़े-बड़े हैं। इससे आसानी से लैब पकड़ में नहीं आती है।
मुंबई पुलिस ने प्रशांत को पकड़ा तो हुकमाराम चौधरी को लगा कि मुंबई पुलिस कभी भी उसके दरवाजे पर आ सकती है। ऐसे में उसने तीन दिन पहले लैब का सामान, तैयार ड्रग व अन्य केमिकल झालामण्ड हनुमानदड़ी में विकास चौहान की दुकान में शिफ्ट कर दिए। विकास किराए पर दुकान लेकर मेहंदी के कोन बेचता है। दुकान मालिक हर्ष भाटी को इसकी जानकारी नहीं थी। मुंबई पुलिस ने हुकमाराम को पकड़ लिया। उसकी निशानदेही पर झालामंड पहुंचे तो विकास भाग गया, लेकिन दुकान से 107 करोड़ रुपए की एमडी ड्रग व केमिकल पकड़े गए।
पहले मुंबई से राजस्थान में ड्रग सप्लाई होती थी। महाराष्ट्र में ड्रग माफियाओं पर सख्ती से राजस्थान में फैक्ट्रियां व लैब डाल ली। अब यहां से तैयार माल मुंबई पहुंचाया जाता है। गौरतलब है कि रविवार को मुंबई पुलिस ने सबसे पहले मोगड़ा खुर्द और उसके बाद झालामण्ड हनुमानगढ़ी में दबिश देकर एमडी ड्रग बनाने की लैब व सामान पकड़ा था। इसमें 67.5 किलोग्राम तरल एमडी ड्रग है, जिसकी बाजार कीमत 101.25 करोड़ रुपए है। एमडी ड्रग बनाने के अन्य केमिकल मिलाकर कुल 107.62 करोड़ रुपए का माल पकड़ा है।
Updated on:
24 Oct 2024 01:05 pm
Published on:
14 May 2024 09:45 am
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