
राशन का केरोसीन बंद होने की तैयारी, अब केवल 3 जिलों तक सिमटा
जोधपुर. वर्ष 2021 में प्रदेश में राशन की दुकानों पर केवल गेहूं ही मिला करेगा। केरोसीन इतिहास बनने की ओर अग्रसर है। राज्य सरकार ने 33 में से 30 जिलों में केरोसीन का आवंटन बंद कर दिया है। केवल तीन जिलों बूंदी, श्रीगंगानगर और बासंवाड़ा के लिए ही अगस्त महीने का केरोसीन जारी किया गया है। अगले दो तीन महीनों में संभवत: यहां भी केरोसीन बंदी हो जाएगी। इसके बाद राजस्थान केरोसीन फ्री स्टेट घोषित कर दिया जाएगा।
उधर केरोसीन बंद करने के साथ सरकार ने घरेलू गैस की सब्सिडी भी बंद कर दी है। मई के बाद उपभोक्ताओं के बैंक खाते में पैसे नहीं आ रहे हैं। उधर गैस महंगी होती जा रही है। मई में सिलेण्डर की कीमत 586.50 रुपए थी जो अब 601.50 हो गई है।
तीन साल में 21660 से 84 केएल पहुंचा
मार्च 2017 में प्रदेश में 21 हजार 660 किलोलीटर (केएल) केरोसीन का वितरण पीडीएस सिस्टम के अंतर्गत प्रदेश में राशन की 24 हजार से अधिक दुकानों के जरिए होता था जो अब सिमटकर केवल 84 किलोलीटर रह गया है। बूंदी और श्रीगंगानगर को 36 केएल और बांसवाड़ा को 12 केएल केरोसीन आवंटित किया गया है।
उज्ज्वला गैस से कनेक्शन दिया, केरोसीन बंद कर दिया
केंद्र सरकार ने पिछले दो तीन साल से घरेलू गैस वितरण की उज्ज्वला गैस योजना का काफी प्रचार प्रचार किया था। अधिकांश गांवों तक एलपीजी पहुंच गई लेकिन सिलेण्डर धीरे-धीरे महंगा होने से कनेक्शन होने के बावजूद कई ग्रामीण वापस रीफिल नहीं भर पाते हैं। उधर कनेक्शन खत्म होते ही उनका केरोसीन बंद हो जाता है। गांवों में कई जगह जलावन के लिए लकड़ी और गोबर का इस्तेमाल फिर से बढ़ गया है। वर्तमान में केवल खाना बनाने व प्रकाश व्यवस्था के लिए ही केरोसीन दिया जाता है।
जुलाई 2017 में शुरू किया था अभियान
राज्य सरकार ने केरोसीन की कालाबाजारी रोकने के लिए जुलाई 2017 में अभियान शुरू किया था। धीरे-धीरे करके अब पूरे प्रदेश में केरोसीन बंद होने जा रहा है।
Published on:
09 Aug 2020 10:00 pm
