
प्रबुद्धजन साधने के दोनों राजनीतिक दल लगा रहे हैं ताकत
जोधपुर. चुनाव से ठीक पहले अलग-अलग वर्गों को साधने के लिए दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दल कई प्रयास कर रहे हैं। जातिगत रणनीति के अलावा किसान वर्ग, युवा वर्ग तो हर बार चुनाव में प्राथमिकता लिए होते हैं और ग्राउंड पर काम भी इनके अनुरूप ही होता है। लेकिन इस बार चुनावों में प्रोफेशनल या प्रबुद्धजनों तक भी दोनों ही राजनीतिक दल अपनी बात रखने के प्रयास में जुटे हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय स्तर के नेतृत्व ने शहर के प्रबुद्धजनों से दो बार संवाद कर लिया है। इसके अलावा प्रदेश का कोई शीर्ष नेतृत्व भी आगामी दिनों में अपनी योजनाएं रखने व किए गए कार्य रखने के लिए इस वर्ग से मिल सकता है। इधर, कांग्रेस ने भाजपा की नीति को भांपते हुए प्रोफेशनल कांग्रेस प्रकोष्ठ ही अलग बना दिया है। इस प्रकोष्ठ में अधिवक्ताओं व व्यापारियों को शामिल कर अधिक से अधिक प्रोफेशनल लोगों तक पहुंच बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रोफेशनल की पब्लिसिटी जुटाना लक्ष्य दोनों ही राजनीतिक दलों का प्रथम लक्ष्य अपनी बात को अधिक से अधिक लोगों का पहुंचाना है। प्रबुद्धजन तक बात पहुंचाने का उद्देश्य यह है कि जनता इनकी बातों को जल्दी स्वीकार करती है और विश्वास भी करती है। इसी कारण प्रोफेशनल्स को जोड़ा जा रहा है।
तीन माह में तीन बार प्रबुद्धजनों से मिल चुके हैं नेता चुनाव से ठीक पहले तीन माह में अब तक तीन बार प्रबुद्धजनों से मिल चुके हैं। इनमें भाजपा की ओर से दो कार्यक्रम हुए हैं। जिनमें केन्द्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल और भाजरा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह अपनी बात रख चुके हैं। वहीं कांग्रेस की ओर से राज्यसभा सांसद व प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी प्रोफेशनल लोगों से रूबरू हुए हैं।
इनका कहना...
यह पार्टी की नीति है कि इन लोगों से मिला जाए। अपनी योजनाओं और किए गए कार्यों को प्रबुद्धजन तक पहुंचाने के पीछे उद्देश्य यह है कि जनता इनकी बात पर विश्वास करती है।
- मेघराल लोहिया, राजसिको अध्यक्ष
Published on:
19 Sept 2018 08:10 pm
