
जोधपुर. प्रसिद्ध कथा वाचक रमेश भाई ओझा ने कहा कि संसारी लोग जिसको विपत्ति समझते है वह विपत्ति नहीं और जिसको सम्पति समझते है वह सम्पति नहीं है। भगवान का विस्मरण विपत्ति और भगवान का स्मरण सम्पति है। गांधी मैदान में भक्तिरस महोत्सव के दौरान मंगलवार को आशीर्वचन में रमेश भाई ओझा ने कहा कि जैसे विष को पीने से विष अपना प्रभाव दिखाता है। वैसे ही अनजाने में लिया हुआ भगवान का नाम भी अपना प्रभाव दिखाता है। दोपहर करीब 3 बजे गांधी मैदान पंडाल में पहुंचे रमेश भाई ओझा का महंत रामप्रसाद, बालव्यास राधाकृष्ण व मानस कथावाचक मुरलीधर ने स्वागत अभिनन्दन किया। भक्तमाल कथा महोत्सव में चित्र-विचित्र ने ब्रजभाव के साथ ब्रजलीलाओं का सुन्दर वर्णन किया। गुरुवार से गोस्वामी पुण्डरीक भागवत कथा वाचन करेंगे।