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पेशाब की थैली के कैंसर का दुर्लभ ऑपरेशन, एक्स्ट्रोफ ी मरीज को दिलाई निजात

    चिरंजीवी योजना में हुआ नि:शुल्क ऑपरेशन 50 लाख में से 1 मरीज को निकलती हैं ऐसी बीमारी
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जोधपुर. विनायका अस्पताल की यूरोलोजी टीम के सर्जन्स ने पेशाब की थैली के कैंसर का ऑपरेशन कर एक्स्ट्रोफी मरीज को निजात दिलाई है। अस्पताल का दावा हैं कि विश्व में इस प्रकार के अभी तक 4-5 ऑपरेशन ही किए गए हैं। 8 घंटे तक चले ऑपरेशन को 4-5 यूरोलोजी सर्जन टीम व अन्य डॉक्टर्स ने मिलकर किया। यह ऑपरेशन मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना के तहत पूर्णत नि:शुल्क किया गया।
मरीज बरीयम (60 ) बचपन से एक्स्ट्रोफ ी ऐपिस्पास्डियास कॉपलेक्स नामक बीमारी से पीडि़त था। बीमारी में पेशाब की थैली पेट के निचले हिस्से में शरीर के ऊपर बाहर ही खुली थी, पेशाब बार-बार लीक हो रहा था। मरीज को पेशाब की थैली से खून आना शुरू हो गया था। अहमदाबाद के एक नामचीन अस्पताल में मरीज को खर्चा करीब 20 लाख बताया। मरीज ऑपरेशन कराने में असमर्थ था। ऑपरेशन नहीं होने के कारण मरीज की पेशाब की थैली में कैंसर हो गया था। बीमारी असहनीय हो गई, ऐसी बीमारी 50 लाख मरीजों में से एक के होती है। अस्पताल के यूरोलाजी डॉक्टर्स ने इस चैलेंज को स्वीकारा। साथ ही हाइटेक औजारों व मशीनों का इस्तेमाल किया। पेशाब की थैली को कैंसर सहित पूरा बाहर निकाला। आंत से नया पेशाब की थैलीनुमा रास्ता बनाया गया। फिर शरीर के निचले भागों को 8 गुणा 10 का घाव बंद करना एक अलग चुनौती रहा, जिसे फ्लैप रोटेशन पद्वति से बंद किया। 7 दिन बाद मरीज को सकुशल डिस्चार्ज दिया।

ऑपरेशन डॉ. पीके शर्मा, डॉ. डीएस चौधरी, डॉ. पी रांका, डॉ. पीएस प्रजापती, डॉ. गिरीश माथुर, डॉ.़ सुनयना गोधवानी, अशोक, मांगीलाल, संदीप, सुरजी आदि स्टाफ का सहयोग रहा। डायरेक्टर डॉ. कबिता शर्मा ने पूरी टीम को बधाई दीं। ऑपरेशन डॉ. पीके शर्मा, डॉ. डीएस चौधरी, डॉ. पी रांका, डॉ. पीएस प्रजापती, डॉ. गिरीश माथुर, डॉ.़ सुनयना गोधवानी, अशोक, मांगीलाल, संदीप, सुरजी आदि स्टाफ का सहयोग रहा। डायरेक्टर डॉ. कबिता शर्मा ने पूरी टीम को बधाई दीं।