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जोधपुर. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के छात्रावास में फंदे पर लटक कर जान देने वाली छात्रा रश्मि यादव की मौत का राज एम्स की चारदीवारी में ही छिपा है। दरअसल, पड़ताल में पता चला है कि रश्मि ने एनाटॉमी क्लास के बाद क्लासवर्क की नोटबुक में सुसाइड नोट लिखा था। रश्मि ने शारीरिक बनावट के संबंध में फैकल्टी की ओर से पढ़ाए गए बिन्दु भी लिखे थे। क्लास के बाद हॉस्टल में जाते ही रश्मि ने उसी नोटबुक के अगले पन्ने पर सुसाइड नोट लिखा और फंदे पर लटक गई।
ऑल इण्डिया एम्स कॉमन एन्ट्रेंस एग्जाम में उत्तीर्ण होने पर अलवर जिले की तहसील के गांव सिहाली खुर्द की निवासी छात्रा रश्मि का प्रथम काउंसलिंग में ही ऋषिकेश एम्स के लिए चयन हो गया। उसने ऋषिकेश एम्स ज्वॉइन नहीं किया। द्वितीय काउंसंलिग में रश्मि का जोधपुर एम्स के लिए नम्बर आ गया। गत 23 जुलाई को रश्मि ने परिजनों के साथ आकर जोधपुर एम्स में प्रवेश लिया। प्रवेश प्रक्रिया के बाद परिजन उसे यहां छोड़ गए। एम्स में 24 जुलाई को नए बैच के लिए ऑरिएंटेशन प्रोग्राम शुरू किया गया। इसके बाद 25 व 26 जुलाई को ऑरिएंटेशन क्लास हुई।
26 जुलाई सुबह साढ़े 10 बजे से एनाटॉमी की क्लास हुई। मॉर्निंग सेशन में विभागाध्यक्ष डॉ. सुरजीत घटक ने नए बैच को एड्रेस किया। इसके बाद प्रो. रेणु गुप्ता ने क्लास ली। लंच के बाद विद्यार्थियों के अलग-अलग गु्रप बनाकर शारीरिक रचना संबंधी डेमो क्लास हुई, जो रेजीडेंट डॉक्टरों ने ली। इसमें विद्यार्थियों को शारीरिक संरचना के बारे में डेमो के जरिए समझाया गया। रश्मि ने एनाटॉमी क्लास व डेमो के बिन्दु अपनी नोटबुक मेें दर्ज किए थे। डेमो क्लास के बाद सभी विद्यार्थी हॉस्टल चले गए।
छात्राओं से कहा-आराम करेगी
गल्र्स हॉस्टल प्रभारी के अनुसार रश्मि ने अन्य छात्राओं को क्लास से निकलते समय यह कहा था कि वह आराम करेगी, इसलिए रूम में जा रही है। संभवतया रूम में जाने के बाद रश्मि ने नोटबुक के अगले पेज पर सुसाइड नोट लिख डाला और जीवन लीला समाप्त कर ली।
इसलिए शक की सुई क्लास पर!
रश्मि के पिता रामनिवास यादव व मामा धर्मवीर ने पुलिस को जानकारी उपलब्ध कराई है। पिता ने बताया कि रश्मि ने क्लास की कॉपी में सुसाइड नोट लिखा। उनका आरोप था कि अपराह्न बाद उसके साथ गलत व्यवहार हुआ, इसलिए उसने गलत कदम उठाया।
आशंका इसलिए भी
सुसाइड नोट की भाषा भी बता रही है कि बड़े लोग अच्छे नहीं होते, उसकी स्कूल भी अच्छी थी, उसमें मैनर्स भी है। इससे सीधा शक है कि किसी ने गलत हरकत कर उसे टॉर्चर किया कि उसमें मैनर्स नहीं हैं, वह कौनसी स्कूल से आई हैं। पिता का कहना है कि पुलिस को क्लास लेने वालों से गहन पूछताछ करनी चाहिए।
मौत के जिम्मेदार तक नहीं पहुंच पा रही पुलिस
उधर, रश्मि की मौत के मामले में पुलिस किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाई है। फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मौत के क्या कारण रहे और कौन जिम्मेदार है। पुलिस के अनुसार रश्मि ने 26 जुलाई को छात्रावास के कमरे में फंदा लगा आत्महत्या कर ली थी। दूसरे दिन उसके पास मिले सुसाइड नोट में उसने एक सर यानि शिक्षक या डॉक्टर की डांट से आहत होकर जान देना लिखा था। पुलिस उस शिक्षक या डॉक्टर का पता नहीं लगा पाई है। न ही छात्रा के मोबाइल से कुछ महत्वपूर्ण जानकारी मिल पाई है।
Published on:
30 Jul 2018 10:14 am
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