11 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सैन्य क्षेत्र में आरडीएक्स ने ली थी बालिका की जान, यूं हुआ था हादसा

- रातानाडा सैन्य क्षेत्र स्थित आवास में विस्फोट का मामला-एफएसएल की रिपोर्ट में हुआ खुलासा
2 min read
Google source verification
Jodhpur,jodhpur news,Jodhpur Hindi news,jodhpur latest news,Army Area,blast in jodhpur,blast in jodhpur military quarter,

सैन्य क्षेत्र में आरडीएक्स ने ली थी बालिका की जान, यूं हुआ था हादसा

जोधपुर . शिकारगढ़ में हमीदबाग के सामने सैन्य क्षेत्र की आवासीय कॉलोनी में पांच माह पूर्व जिस पदार्थ में विस्फोट से एक बच्ची की मौत हुई थी, वो विस्फोटक घातक आरडीएक्स था। विस्फोटक हाथ में लेते ही धमाके के साथ बच्ची के चिथड़े उड़ गए थे। एफएसएल की जांच में यह सामने आया है। हालांकि रातानाडा थाना पुलिस को अभी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है।

यह है मामला
सैन्य आवासीय कॉलोनी के क्वार्टर में गत 29 दिसम्बर को विस्फोट हुआ था। इसमें 10 पैरा यूनिट में जवान धर्मेन्द्र जाट की पुत्री खुशी (8) के चिथड़े उड़ गए थे। वह ट्यूशन से घर लौटी थी। गेट अंदर से बंद होने पर उसने मां को आवाज लगाई थी। मां बाहर आती तब तक विस्फोट हो चुका था। यूनिट के पदाधिकारियों व सेना पुलिस ने जांच के बाद रातानाडा थाना पुलिस को सूचना दी थी।

जा सकती थी कई और जानें
एफएसएल टीम ने मौके से विस्फोटक के टुकड़े जांच के लिए लिए थे। एफएसएल का मानना है कि विस्फोटक आरडीएक्स था। यह घातक विस्फोटक सैन्य क्वार्टर तक कहां से पहुंचा इस संबंध में खुलासा नहीं हो पाया है। जांच अधिकारी उप निरीक्षक दिनेश लखावत का कहना है कि एफएसएल से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।


एेसे हुआ था हादसा


रातानाडा थानान्तर्गत शिकारगढ़ में हमीद बाग के सामने सेना की आवासीय कॉलोनी स्थित एक क्वार्टर में 29 दिसम्बर दोपहर रहस्यमयी विस्फोट से आठ साल की एक बालिका की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। प्रारम्भिक जांच के बाद किसी ग्रेनेड या मोर्टार में विस्फोट का अंदेशा जताया जा रहा था। सेना के साथ ही पुलिस भी जांच कर रही था। हरियाणा के भिवानी जिले में चरखी दादरी तहसील के श्याम कलान निवासी धर्मेन्द्र जाट सेना की दस पैरा कमांडो यूनिट में जवान हैं। वह पत्नी व पुत्र-पुत्री के साथ हमीद बाग के सामने यूनिट की आवासीय कॉलोनी के एक क्वार्टर में रहता था। शीतकालीन अवकाश के चलते उसकी पुत्री खुशी (8) व पुत्र दोपहर में ट्यूशन से घर लौटे। पुत्र बाहर से ही बाल कटाने चला गया। बरामदे से घर में जाने वाले लोहे का जालीदार दरवाजा अंदर से बंद था। उसने मां को आवाज लगाई। कपड़े धो रही मां को आने में कुछ समय लग गया। तभी बरामदे में जोरदार विस्फोट हुआ। खुशी के चिथड़े उड़ गए और मौके पर ही मृत्यु हो गई।

धमाके की आवाज सुनकर मां भागकर बाहर आई, जहां पुत्री को क्षत-विक्षत हालत में देख चिल्लाने लगी। आस-पास के लोग भी वहां आ गए थे। यूनिट व सेना पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। बालिका को मिलिट्री अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। बाद में पुलिस मौके पर और फिर सैन्य अस्पताल पहुंची व शाम को शव महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी भेजा, जहां मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवा शव परिजन को सौंपा गया। जिसे लेकर परिजन रात को ही गांव रवाना हो गए। पिता की शिकायत पर मर्ग दर्ज किया गया है।

---------

बालिका के हाथ में था विस्फोटक

चूंकि विस्फोटक से बालिका व उसके आस-पास क्षति पहुंची थी। घर के अंदर कोई हताहत व नुकसान नहीं हुआ। इसलिए पुलिस का आकलन है कि विस्फोटक बहुत अधिक घातक नहीं था। हालांकि मकान की दीवार, छत व लोहे के दरवाजे में छर्रे घुसने से नुकसान पहुंचा। विस्फोटक के बालिका के हाथ में होने का अंदाजा लगाया जा रहा है। मां के दरवाजा खेलने तक उसने कुछ छेड़छाड़ की होगी, जिससे विस्फोट हो गया। यह विस्फोटक बरामदे में ही रखा था या बालिका ट्यूशन से लौटते समय लेकर आई, इस बारे में जांच की जा रही है।