पहले से मंदी झेल रहे रियल स्टेट पर कोरोना कहर बनकर टूटा, जानिए एक्सपट्र्स की राय

कोरोना संक्रमण से आम जनजीवन के साथ व्यापार जगत भी प्रभावित हुआ है। इन्हीं में से एक है रियल स्टेट सेक्टर। यह सेक्टर पिछले कुछ समय से मंदी की मार झेल रहा है। ऐसे में अब कोरोना कमरतोड़ साबित हो सकता है। 'राजस्थान पत्रिका' की पाथ फ ाइंडर सीरिज के तहत इस सेक्टर की प्रमुख समस्याओं व समाधान हम सरकार के सामने रख रहे हैं।

By: Harshwardhan bhati

Published: 18 Apr 2020, 02:16 PM IST

अमित दवे/जोधपुर. कोरोना संक्रमण से आम जनजीवन के साथ व्यापार जगत भी प्रभावित हुआ है। इन्हीं में से एक है रियल स्टेट सेक्टर। यह सेक्टर पिछले कुछ समय से मंदी की मार झेल रहा है। ऐसे में अब कोरोना कमरतोड़ साबित हो सकता है। 'राजस्थान पत्रिका' की पाथ फ ाइंडर सीरिज के तहत इस सेक्टर की प्रमुख समस्याओं व समाधान हम सरकार के सामने रख रहे हैं। वीडियो कॉफ्रेंस के जरिए पत्रिका ने इस सेक्टर के कुछ एक्सपट्र्स से बात की और जो निचोड़ सामने आया उसमें यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में सरकार का रुख इस सेक्टर का भविष्य तय करेगा। आगामी 6 माह तक सरकार को इस ओर नरमी बरतनी होगी, तब इस सेक्टर की गाड़ी फि र से पटरी पर दौड़ेगी और अपने आशियानों का सपना देखने वाले लोगों के सपने साकार होंगे।

रियल स्टेट की कहानी, एक्सपट्र्स की जुबानी
सरकार रियल स्टेट सेक्टर के लिए विशेष राहत पैकेज दे। केन्द्र सरकार होमलोन को सस्ता करे। राज्य सरकार रजिस्ट्री खर्चा कम करें, बिल्डर को लगने वाली मुख्य सामग्री स्टील, सरिया, सीमेंट ठेकेदार पर जीएसटी का निर्धारण कम करें।
-जितेन्द्र सांखला, डायरेक्टर, वीतराग बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड

व्यवसाय से जुड़े कर्मचारियों का वेतन, किराए का भुगतान व बिजली-पानी के खर्चे भारी पड़ रहे हैं। इससे व्यवसाय को नुकसान हो रहा है। सरकार को बैंक के ब्याज को माफ ी, आयकर में 25 व जीएसटी में 30 प्रतिशत की छूट देनी चाहिए।
-पीयूष डोसी, अरिहंत सुपरस्ट्रक्चर लिमिटेड

सरकार बैंकिंग सेक्टर हाउसिंग लोन्स को अच्छी तरह से क्रियान्वित कर अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट के तहत सफलतापूर्वक काम कर सकती है। रेरा ऑथोरिटीज को बिल्डर्स व डवलपर्स को रियायत देनी चाहिए।
-अशोक छाजेड, बिल्डर

सरकार की ओर से विशेष बैंकिंग सहायता मिलनी चाहिए। डवलपर्स के लिए अधिक प्रत्यक्ष कर प्रोत्साहन, स्टाम्प ड्यूटी में छूट मिलनी चाहिए। रेरा से एक साल की समय सीमा विस्तार व अन्य परियोजनाओं को 6 महीने का समय विस्तार मिलना चाहिए।
-अभिमन्यूसिंह, डायरेक्टर, सिटी होम ग्रुप

कोरोना की वजह से रियल स्टेट सेक्टर में आगामी छह माह और संघर्ष रहेगा। सरकार को छह माह तक रजिस्ट्री 50 प्रतिशत करनी चाहिए और जीएसटी में राहत देनी चाहिए। इससे रियल एस्टेट मार्केट में उछाल आएगा। मूलभूत सुविधाओं के लिए भी सरकार को राहत देनी चाहिए, ताकि विकसित प्रोजेक्ट्स जल्द क्रियान्वित हो सके।
-करणसिंह उचियारडा, सीएमड, आशापूर्णा बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड

लॉकडाउन के बाद भी इस काम को सुचारु होने में करीब 4 से 6 माह का समय लग जाएगा। सरकार की ओर से इनपुट जीएसटी क्रेडिट मिलना चाहिए। अफोर्डेबल हाउसिंग योजना में रियायत व पुरानी नीति की तर्ज पर स्टाम्प ड्यूटी में छूट मिलनी चाहिए।
-अमित विजयवर्गीय, एमडी, लव होम

सरकार को बिल्डर्स से सीमेंट, स्टील व लेबर भुगतान पर जीएसटी चार्ज को कम करना चाहिए। स्टाम्प ड्यूटी चार्जेज, जो वर्तमान में 8 प्रतिशत है, को कम करना चाहिए। बिल्डर्स के लिए लिक्विडिटी की समस्या को हल करने के लिए बैंक ब्याज दर में कमी करनी चाहिए।
- विनोद सिंघवी, डायरेक्टर, विनोद इंफ्राडवलपर्स लिमिटेड

सरकार को निर्मित मकानों पर रजिस्ट्री शुल्क माफ करना चाहिए, रेरा में सरलीकरण करना चाहिए, जेडीए को विकसित-अविकसित कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं जल्दी दिलानी चाहिए। केन्द्र सरकार की ओर से जीएसटी व होम लोन की ब्जाय दरों में कमी कर राहत देनी चाहिए।
-गिरीश मेहता, डायरेक्टर, लेरिया बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड

coronavirus Coronavirus in india
Show More
Harshwardhan bhati Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned