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रोजाना 10 घण्टे नियमित अध्ययन से रीना ने हासिल किया आईईएस का लक्ष्य

आईईएस में फलोदी की रीना ने प्राप्त की देश में 116 वीं रैंकपत्रिका न्यूज़ नेटवर्क फलोदी. फलोदी शहर के इंदिरा कॉलोनी निवासी सेवानिवृत प्रधानाध्यापक हरिराम पंवार बालिका शिक्षा के प्रति कितने जागरूक है, इसका अंदाजा तो राजकीय सेवा में कार्यरत तीन बेटियों से लगाया जा सकता है और अब उनकी सबसे छोटी बेटी रीना पंवार ने तो हाल ही में घोषित किए गए भारतीय अभियांत्रिकी सेवा (आईईएस) में पूरे देश में सिविल ब्रांच में ११६ वी रैंक से चयन होकर फलोदी का नाम रोशन किया है।
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reena panwar got 116 rank in IES 2018

आईईएस में फलोदी की रीना ने प्राप्त की देश में 116 वीं रैंक

फलोदी निवासी २6 वर्षीय रीना पंवार ने कक्षा 1 से 11 वीं तक की पढ़ाई फलोदी से ही की थी तथा 12 वीं के साथ आईआईटी की कोचिंग के लिए जोधपुर में अध्ययन किया। कक्षा 12 वीं में 84.62 प्रतिशत प्राप्त कर 2011 में रीना का आईआईटी में चयन हुआ तथा आईआईटी कानपुर से बी.टेक सिविल इंजीनियरिंग में उत्तीर्ण की। 2015 में बी.टेक. उत्तीर्ण करने के बाद रीना ने दो वर्ष 2017 तक वोडाफोन इंडिया में प्रबंधक के पद पर कार्य किया, लेकिन रीना का लक्ष्य तो आईईएस था। जिसके चलते उसने नौकरी छोड़ सैल्फ स्टडी व टेस्ट सीरीज से दिल्ली में ही रहकर पढ़ाई की और अब कड़ी मेहनत से आईईएस में देश में सिविल ब्रांच से 116 वी रैंक हासिल की है।
रीना ने अपनी सफलता का श्रेय माता पदमा, पिता हरिराम पंवार, बहनों व भाईयों से कदम-कदम पर मिले सहयोग और प्रेरणा को दिया। रीना ने बताया कि आईईएस की तैयारी के लिए रोजाना १० घण्टे नियमित अध्ययन किया। रीना ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुझे जिस तरह परिवार से सहयोग मिला है, उसी का नतीजा है कि मैं आज इस मुकाम तक पंहुच पाई हूं। उन्होंने हर परिवार को बालिकाओं को अध्ययन करवाकर सफल बनाने में सहयोग करने की अपील भी की।