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सूने रहे भोगिशैल पहाडि़यों के धार्मिक स्थल, गौशालाओं में हुआ दान-पुण्य

- हरियाली अमावस्या को उद्यानों में छाई रही उदासी
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सूने रहे भोगिशैल पहाडि़यों के धार्मिक स्थल, गौशालाओं में हुआ दान-पुण्य

सूने रहे भोगिशैल पहाडि़यों के धार्मिक स्थल, गौशालाओं में हुआ दान-पुण्य

जोधपुर. श्रावण मास की अमावस्या सोमवार को हरियाळी अमावस्या के रूप में श्रद्धापूर्वक मनाई गई। सोमवती अमावस्या के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग होने से शहर की विभिन्न गौशालाओं में जमकर दान-पुण्य किया गया।

हरियाळी अमावस्या के मौके प्रमुख वैष्णव मंदिरों में ठाकुरजी का विशेष ऋतुपुष्पों व लता-पताओं से हरियाळो शृंगार किया गया। श्रावणी अमावस्या के मौके शहरवासियों की ओर से हर साल भोगिशैल पहाडि़यों के धार्मिक स्थलों की परिक्रमा इस बार कोरोना महामारी के कारण नहीं हो सकी।

हालांकी नाममात्र लोग परिक्रमा की परम्परा का निर्वहन करने के लिए रातानाडा गणेश मंदिर पहुंचे लेकिन मंदिरों के कपाट बंद होने के कारण बाहर से ही दर्शन कर निराश लौटना पड़ा। भोगिशैल पहाडि़यों में स्थित सभी प्रमुख धार्मिक स्थल बंद होने से श्रद्धालुओं की संख्या नगण्य रही। श्रावणी अमावस्या को श्रद्धालुओं से भरे रहने वाला मंडोर उद्यान भी सूना रहा।

हरियाळी अमावस्या के मौके प्रमुख वैष्णव मंदिरों में ठाकुरजी का विशेष ऋतुपुष्पों व लता-पताओं से हरियाळो शृंगार किया गया। श्रावणी अमावस्या के मौके शहरवासियों की ओर से हर साल भोगिशैल पहाडि़यों के धार्मिक स्थलों की परिक्रमा इस बार कोरोना महामारी के कारण नहीं हो सकी।