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कृषि कानूनों के विरोध में आरएलपी का दिल्ली कूच 26 को

- एनडीए से समर्थन वापसी का भी करेंगे निर्णय  
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कृषि कानूनों के विरोध में आरएलपी का दिल्ली कूच 26 को

कृषि कानूनों के विरोध में आरएलपी का दिल्ली कूच 26 को

जोधपुर. केंद्र सरकार की ओर से पारित तीनों कृषि बिलों को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने देश के अन्नदाताओं के खिलाफ काला कानून बताते हुए इनका पुरजोर विरोध किया है। किसान आंदोलन का समर्थन करने के लिए प्रदेश के दो लाख कार्यकर्ताओं के साथ 26 दिसंबर को पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक हनुमान बेनीवाल की अगुवाई में दिल्ली कूच किया जाएगा। एनडीए सरकार को आरएलपी का समर्थन जारी रखना है या नहीं इस पर भी निर्णय होगा।
पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष एवं भोपालगढ़ विधायक पुखराज गर्ग ने सर्किट हाउस में पत्रकारों को बताया कि तीनों कृषि कानून किसी भी नजरिए से अन्नदाताओं के हित में नहीं हैं। इन कानूनों से किसानों को उद्योगपतियों व पूंजीपतियों के हाथों की कठपुतली बनाने,उन्हें अपने हक की आवाज उठाने से रोकने, कृषि उपज की समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी नहीं देने और सरकारी अधिकारियों के दबाव में रहकर पूंजीपतियों के इशारे पर काम करने के लिए बाध्य करने का प्रयास किया जा रहा है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के साथ ही आरएलपी के तीनों विधायकों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी प्रधानमंत्री व गृहमंत्री को पत्र लिखकर कानून वापस लेने की मांग की और किसान महासम्मेलन करके भी चेतावनी दी गई। लेकिन इसके बावजूद केंद्र सरकार ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। ऐसे में अब पार्टी 26 दिसंबर को अलवर जिले के बहरोड़ से शाहजहांपुर बॉर्डर दिल्ली के लिए कूच करेगी। इससे पूर्व आरएलपी के प्रदेशध्यक्ष गर्ग के नेतृत्व में प्रदेश उपाध्यक्ष राजूराम खोजा, भागीरथ नैण, जिलाध्यक्ष रामदीन चौधरी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुभाष कड़वासरा, भंवर आंगणवा, प्रेम सारण, राजेंद्र छबरवाल व अखाराम चौधरी की बैठक में रणनीति बनाई गई।