
सड़कों पर जरा संभल कर निकलना, इस शहर की सड़कें धंस रही है....
जोधपुर. शहर के मुख्य पाल रोड पर अचानक ढही Sewage की ट्रंक लाइन ने कई मुसीबतें बढ़ाई तो सवाल भी खड़े किए हैं। इससे पहले भी शहर में कई बार सीवरेज लाइनें ढहने से हादसे हुए हैं। मुख्य पाली रोड पर तो ट्रंक लाइन तीन बार ढह चुकी है। हालांकि गनीमत रही कि इतनी व्यस्त सड़कों पर भी किसी भी जान नहीं गई। लेकिन खास बात यह है कि अमृत योजना में सीवरेज लाइनों को सुधारने और बदलने की टैंडर प्रक्रिया भी हो चुकी है, लेकिन कार्यकारी एजेंसी रूडिप काम तक शुरू नहीं करवा पा रही।
क्या है ट्रंक लाइनें
शहर की छोटी सीवरेज लाइनें जो कि बड़ी लाइनों से मिलती है और मुख्य क्षेत्र के सीवरेज पानी को ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाती है वह ट्रंक लाइनें है। पाल रोड, जयपुर रोड, पाली रोड के समीप से यह ट्रंक लाइनें गुजर रही है। यह सभी लाइनें 15 से 20 साल पुरानी है।
यहां ढह चुकी
पाली रोड की ट्रंक लाइन पहले तीन बार ढह चुकी है। जिसकी कई दिनों तक मरम्मत कर नगर निगम ने सुधारा था। यह लाइन भी करीब 15 साल पुरानी है। नेहरू पार्क के समीप भी कुछ समय पहले सीवरेज लाइन के कारण सड़क धंस चुकी है। इसके अलावा दर्जनों स्थानों पर भी इसी प्रकार सड़कें धंसी हैं।
मिला है अमृत बजट
शहर के सीवरेज सिस्टम सुधार के लिए करोड़ों का बजट अमृत योजना में मिला है। रूडिप इसकी कार्यकारी एजेंसी है, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं कर पाई है। राजस्थान पत्रिका ने इस बारे में मुद्दा भी उठाया था। लेकिन फिर भी न तो सरकार ध्यान दे रही है और न ही प्रशासन। जोधपुर में रूडिप का कोई जिम्मेदार अधिकारी तक नहीं है।
फैक्ट फाइल
- 2 बड़ी ट्रंक लाइनें हो चुकी हैं अब तक क्षतिग्रस्त।
- 1 साल से कागजों में सीवरेज सिस्टम सुधारने का कार्य।
- 40 करोड़ से ज्यादा का बजट मिला है।
- 15-20 साल पुरानी है ट्रंक लाइनें।
300 मीटर का क्षेत्र जांचेंगे
नगर निगम दक्षिण के आयुक्त अरुण कुमार पुरोहित ने बताया कि ट्रंक लाइन के कारण यह सड़क धंसी है। यह 2005 की डली लाइन है, जिसका 300 मीटर हिस्सा जांचा जाएगा। इस हिस्से को दुरुस्त करने में एक सप्ताह का समय लग सकता है, तब तक यातायात एक तरफा ही संचालित होगा।
Updated on:
07 Jul 2022 08:32 pm
Published on:
07 Jul 2022 08:32 pm
