11 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जेल में भी कैदी रख रहे हैं रोजे, पढ़ रहे हैं नमाज

भीषण गर्मी के बावजूद कारागार में बंदी जीवन जी रहे आठ रोजेदार पांचों वक्त की नमाज अदा कर रहे हैं।
2 min read
Google source verification
Roza in Kaparda Jail

जेल में भी कैदी रख रहे हैं रोजे, पढ़ रहे हैं नमाज

बिलाड़ा (जोधपुर). भीषण गर्मी के बावजूद कारागार में बंदी जीवन जी रहे आठ रोजेदार पांचों वक्त की नमाज अदा कर रहे हैं। एक ही परिवार के आठों रोजेदार कारागार में होने वाली नियमित गतिविधियों एवं खेल प्रतियोगिताओं में भी अपनी हिस्सेदारी रखते हैं। बुधवार को जेल में पाली एवं बिलाड़ा क्षेत्र के बंदियों के बीच हुई कबड्डी के दौरान इन रोजेदारों ने पाली को परास्त कर बिलाड़ा टीम को जीताने में अहम भूमिका निभाई।

इन रोजेदारों में सबसे बुजुर्ग नसीर खां (65) को जब पूछा गया कि हत्या के आरोप में एक ही परिवार के आठ लोग बंद हैं और अभी रमजान का महीना है, क्या उनमें पश्चाताप जैसे भाव हैं? उन्होंने कहा कि रमजान केवल इबादत का महीना नहीं है, बल्कि यह समाज सुधार का भी जरिया है।

रमजान से समाज को तकवा, पाबंदगी, एकता, भाईचारा इंसानियत, सब्र और गरीबों की मदद का पैगाम मिलता है। केवल पुलिस और कानून की ताकत पर समाज से बुराइयों को खत्म नहीं किया जा सकता, इनको खत्म करने का एक जरिया है 'तकवा ' यानि लोगों के दिलों से बुराइयों को दूर करना।


सख्त नियमों में छूट


जेल में बंद नसीर खां के साथ जब्बार खां, अहमदद्दीन, अल्लानूर, मेहरूखां, फारूक, सफरे आलम के साथ उत्तरप्रदेश के एक बंदी परवेज आलम ने भी आज तेरहवां रोजा रखा। जेल प्रशासन भी इन रोजेदारों का पूरा ख्याल रख रहा है। सख्त नियमों में छूट देकर 'सेहरी ' और इफ्तार के समय इनके लिए तरबूज, खरबूजा एवं जनसहयोग से मिठाई आदि की भी व्यवस्था की जा रही है। कई बार इनके परिजन मिलने के लिए आते हैं तो वे भी अपने रोजेदारों के लिए फल-फू्रट ले आते हैं।


कबड्डी का हुआ मैच


पिचियाक कारागार में बंदी का जीवन जी रहे ३६ बंंदियों में से सात-सात की टीमें बनाई गई। वहां मौजूद शारीरिक शिक्षक छोटूराम भीरड़ा ने रेफरी की जिम्मेदारी निभाई तथा एक-एक कर टीमों को कबड्डी का खेल खेलाया। फाइनल में बिलाड़ा क्षेत्र के बंदियों की टीम प्रथम रही तथा अन्य जिलों की बनाई एक टीम उपविजेता रही। कबड्डी मैच समापन के बाद राजस्थान शिक्षक संघ के जिला मंत्री रूपाराम खोजा ने अपने संगठन की ओर से सभी बंदियों में फलों का वितरण किया गया।