
एम्स की रिसर्च सेल में 20 लाख रुपए का गबन
जोधपुर.
एम्स के रिसर्च सेल में आउट सॉर्स पर पदस्थापित कनिष्ठ लेखाधिकारी ने बीस लाख रुपए का गबन कर दिया। घोटाले का पता लगने पर उच्चाधिकारियों के दबाव में कनिष्ठ लेखाधिकारी ने लिखित में स्वीकारोक्ति कर राशि वापस जमा भी करा दी। अब उसके खिलाफ शास्त्रीनगर थाने में गबन का मामला दर्ज कराया गया।
दरअसल, केन्द्र सरकार की ओर से एम्स में पब्लिक हेल्थ के अधीन कार्यरत रिसर्च सेल में फण्ड मुहैया होता है। इस फंड में से करीब बीस लाख रुपए गबन कर लिए गए। इसका पता लगा तो एम्स की चार दीवारी में मामले की जांच शुरू कर दी गई। जिसमें कनिष्ठ लेखाधिकारी कुशल पाण्डे की भूमिका सामने आई। जो आउट सॉर्स यानि संविदा पर कार्यरत है। घोटाले में फंसता देख पाण्डे ने लिखित में स्वीकारोक्ति की और घोटाले की पूरी राशि लौटा भी दी। घोटाले का मामला चार दीवारी से बाहर आने पर एम्स के अधिष्ठाता अनुसंधान डॉ प्रवीण शर्मा ने शनिवार को पुलिस स्टेशन शास्त्रीनगर में कुशल पाण्डे के खिलाफ मामला दर्ज कराया। थानाधिकारी राजेन्द्रसिंह का कहना है कि गबन का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
लेखाधिकारी को नजरबंद कर चल रही थी जांच
घोटाले का पता लगने पर एम्स के अधिकारियों ने जांच शुरू की थी। लेखाधिकारी को एम्स के गेस्ट हाउस में नजरबंद तक करके रखा गया था। उससे घोटाले के संबंध में जांच की जा रही थी। इस संबंध में न तो पुलिस को सूचित किया गया था और न ही किसी अन्य विभाग को।
Updated on:
15 Mar 2020 12:03 am
Published on:
15 Mar 2020 12:03 am
