
आरटीआइ कार्यकर्ता की पत्नी ने सीबीआई जांच की मांग
जोधपुर. बाड़मेर जिले के पचपदरा पुलिस थाने में पिछले महीने हिरासत में मृत आरटीआइ कार्यकर्ता की पत्नी ने पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए सीबीआइ जांच की मांग को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हाईकोर्ट ने मृतकी की पत्नी के आवेदन को याचिका के तौर पर दर्ज करने का निर्देश देते हुए राज्य सरकार को 19 नवंबर तक जवाब देने को कहा है।
मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महांति तथा न्यायाधीश महेन्द्र कुमार गोयल की खंडपीठ में बुधवार को मृतक जगदीश गोलिया (42) की पत्नी बिरजू चौधरी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुई और मुख्य न्यायाधीश के समक्ष प्रार्थना पत्र तथा अन्य दस्तावेज पेश करते हुए कहा कि उसके पति की गत 5 अक्टूबर को पचपदरा पुलिस थाने में हिरासत में रहने के दौरान मृत्यु हुई थी। इस मामले में थाना प्रभारी सहित समस्त पुलिस थाना स्टाफ के खिलाफ हत्या के आरोप में एफआइआर दर्ज करवाई गई, जिसकी जांच पुलिस कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस कार्मिकों के खिलाफ हत्या का आरोप है और उसकी जांच भी पुलिस ही कर रही है। इस जांच पर सवाल उठाते हुए बिरजू चौधरी ने कोर्ट के समक्ष कहा कि उसके पति की मृत्यु के कारणों की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआइजांच के आदेश दिए जाएं। मृतक की पत्नी ने कोर्ट में दस्तावेज पेश करते हुए कहा कि उसके पति आरटीआइ कार्यकर्ता थे और उन्होंने बाड़मेर जिले में विभिन्न पुलिस स्टेशन सहित एसपी ऑफिस से सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत 93 आवेदन दिए थे। बिरजू ने कोर्ट को बताया कि पति की मृत्यु के बाद उसके सहित पांच वर्षीय बेटे, 13 वर्षीय बेटी तथा विधवा सास के भरण-पोषण का जिम्मा उसके कंधों पर आ गया है। खुद को एमए व बीएड उत्तीर्ण बताते हुए बिरजू ने सरकारी नौकरी की भी मांग की। खंडपीठ ने इस प्रार्थना पत्र को याचिका के तौर पर दर्ज करने के निर्देश दिए। विधिक सेवा प्राधिकरण को कहा गया है कि मृतक की पत्नी को अधिवक्ता की सेवा उपलब्ध करवाई जाए। कोर्ट ने अतिरिक्त महाधिवक्ता मनीष व्यास को 19 नवंबर तक जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।
Published on:
08 Nov 2019 01:46 am
