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साध्वी रामकुमारी की पार्थिव देह पंचतत्व में विलीन

महाप्रयाण यात्रा में उमड़े श्रावक
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Sadhvi Ramkumari merges with the five elements

साध्वी रामकुमारी की पार्थिव देह पंचतत्व में विलीन

जोधपुर. आचार्य महाश्रमण की शिष्या शासन साध्वी रामकुमारी (86) का देवलोकगमन जोधपुर में रविवार सुबह 9 बजे हुआ। महाप्रयाण हो जाने की सूचना मिलते ही जैन समाज में शोक की लहर छा गई। साध्वी के अस्वस्थ्य होने के कारण साध्वी चांदकुमारी की ओर से सुबह चौविहार संथारा प्रत्याख्यान करवाया गया था। साध्वी की महाप्रयाण यात्रा अमरनगर तेरापंथ भवन से रवाना होकर पाल लिंक रोड, आखलिया सर्किल, प्रताप नगर होते हुए सिवांचीगेट स्थित ओसवाल स्वर्गाश्रम पहुंची। महाप्रयाण यात्रा में पचपदरा, अहमदाबाद, बालोतरा, जसोल से पहुंचे श्रावकों सहित आरपीएस व जीआरपी थानाधिकारी रविंद्र कुमार बोथरा, महासभा महामंत्री विनोद बैद, विजयराज मेहता, कानराज मोहनोत सहित तेरापंथ धर्म संघ से जुडे श्रावक शामिल हुए। गाजे बाजों के साथ आयोजित महाप्रयाण यात्रा के आगे जैन ध्वज व भजन मंडलिया भक्तिगीत प्रस्तुत करते चल रही थी। साध्वी चांदकुमारी, साध्वी कमलप्रभा, साध्वी प्रज्ञावती, साध्वी विवेकश्री, साध्वी कीर्तिप्रभा, साध्वी मयंकयशा, साध्वी प्रशांतयशा ने भावांजली प्रस्तुत की गई। जयजय नंदा-जयजय भद्रा के जयघोष के बीच जैन संस्कारक पदमचंद पटावरी व मर्यादा कुमार कोठारी ने साध्वीश्री का जैन विधि विधान से अंतिम संस्कार करवाया। इस मौके संस्कारपक्षीय परिवारजनों सुखराज दुग्गड, कनक खटेड, भूपेंद्र सामसुखा, अजय बैद, रवि भूरट, कंवरी भूरट महासभा न्यासी दिलीप सिंघवी, महावीर चौपडा, मितेश जैन, सुधा भंसाली आदि मौजूद रहे। सोमवार को अमरनगर स्थित तेरापंथ भवन में सुबह 9.30 बजे ‘स्मृति सभा-गुणानुवाद’ का आयोजन किया जाएगा।

साध्वी का जीवन परिचय
जन्म - वि.सं. 1989 लाडनूं, राजस्थान
दीक्षा - 14 वर्ष की उम्र में लाडनंू राजस्थान में
दीक्षा प्रदाता - गुरुदेव आचार्य तुलसी
पैदल यात्रा - हरियाणा, पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडू, कर्णाटक, कोंकण, गोवा, राजस्थान आदि सुदूर प्रांतों में
संबोधन अलंकरण - आचार्य महाप्रज्ञ द्वारा
देवलोकगमन - तेरापंथ भवन अमर नगर
परिवार में दीक्षित : चार भुआ, दो बहने, दो भुआ पुत्र मधु तेरापंथ जैन संघ से दीक्षित