
बढ़ सकती हैं सलमान की मुश्किलें, सरकार की ओर से दो और अपीलें पेश
जोधपुर.
सरकार की ओर से सलमान (salman khan) के खिलाफ दो और अपीलें पेश कर दी गई हैं। इन अपीलों पर सलमान खान को नोटिस जारी कर जवाब तलब करने की तैयारी की जा रही है।
गौरतलब है कि इस वर्ष 17 जून को सलमान के खिलाफ चल रहे दो झूठे शपथ पत्र देने के मामले में सरकार की ओर पेश प्रार्थना पत्र मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जोधपुर जिला (Chief Judicial Magistrate Jodhpur District) ने खारिज कर दिया था। इसी फैसले के खिलाफ सरकार ने अब दो अपील दायर की है।
दरअसल, 2006 में सरकार ने सलमान खान के खिलाफ काले हिरण शिकार मामले (Black deer hunting case) तथा अवैध हथियार मामले (Illegal arms case) में सीआरपीसी की धारा 340 के तहत दो अलग-अलग अर्जी दाखिल करते हुए आरोप लगाया था कि सलमान ने अपने हथियार के लाइसेंस के संबंध में झूठा शपथ पत्र पेश किया। लिहाजा उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।
सरकार की ओर से कहा गया कि सलमान का लाइसेंस 1998 के दौरान मुंबई पुलिस में नवीनीकरण के लिए दिया गया था। जबकि सलमान ने यह झूठा शपथ पत्र पेश किया कि उसका लाइसेंस गुम हो गया।
दूसरा, पेशी के दौरान सलमान द्वारा कथित रूप से गलत तथ्यों के आधार पर हाजरी माफी देने पर सरकार द्वारा पेश अर्जी का मामला था। दोनों को निचली कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
7 वर्ष तक के कारवास का प्रावधान
यदि सलमान खान के खिलाफ दायर दो अपील स्वीकार हो जाती है तो सीआरपीसी की धारा 340 के अंतर्गत सुनवाई फिर से शुरू हो सकती है। न्यायालय द्वारा इसे स्वीकार करने पर सलमान के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 193 के अंतर्गत अलग से मुकदमा दर्ज होगा। इस धारा मेंअपराध साबित होने पर 7 वर्ष तक के कारवास का प्रावधान है।
कोर्ट में पेश नहीं हुए सलमान, सोशल मीडिया पर मिली थी धमकी
इससे पूर्व फिल्म अभिनेता सलमान खान को पिछले वर्ष सीजेएम कोर्ट की ओर से दी गई पांच साल की सजा के खिलाफ पेश अपील पर शुक्रवार को सत्र न्यायालय (जोधपुर जिला) में सुनवाई हुई।
सलमान के अधिवक्ता महेश बोड़ा तथा हस्तीमल सारस्वत ने सलमान के फिल्म शूटिंग में व्यस्त होने के चलते कोर्ट में उपस्थित होने में असमर्थता जाहिर की तथा दोनों अपीलों में हाजरी माफी पेश की।
उल्लेखनीय है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े सोपू संगठन ने गत दिनों सोशल मीडिया पर सलमान खान को मारने की धमकी दी थी।
न्यायाधीश चंद्रकुमार सोनगरा ने हाजरी माफी प्रार्थना पत्र में उपयुक्त वाक्य नहीं होने पर एकबारगी प्रार्थना पत्र लौटा दिया। जिसे अधिवक्ताओं ने तुरंत दुरुस्त कर दिया।
सरकारी अधिवक्ता ने अपीलार्थी की अनुपस्थिति पर नाराजगी जाहिर की तथा कहा कि सलमान की ओर से लगातार हाजरी माफी पेश की जा रही है। बचाव पक्ष ने कहा कि अपील की सुनवाई के दौरान अपीलार्थी को कोर्ट में उपस्थित रहने की कोई कानूनी बाध्यता नहीं है। गौरतलब है कि 4 जुलाई को इस मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मौखिक रूप से सलमान को कोर्ट में उपस्थित रहने का निर्देश दिया था।
करीब 25 मिनट चली सुनवाई के बाद न्यायालय ने हाजरी माफी स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई 19 दिसम्बर तक टाल दी। सलमान की ओर से स्थाई हाजरी माफी का अलग से प्रार्थना पत्र पेश किया गया। सरकारी अधिवक्ता ने इसका विरोध करते हुए जवाब के लिए समय मांगा। इस प्रार्थना पत्र पर भी अगली तिथि पर सुनवाई होगी।
दो अपीलों पर हो रही एक साथ सुनवाई
गत वर्ष पांच अप्रैल को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जोधपुर जिला के पीठासीन अधिकारी देवकुमार खत्री ने सलमान खान को पांच साल की सजा सुनाई थी। तीन दिन केंद्रीय कारागार में रहने के बाद सलमान खान को जिला एवं सत्र न्यायालय जोधपुर जिला के न्यायाधीश रविंद्रकुमार जोशी ने सजा स्थगित कर रिहा करने का आदेश दे दिया था।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जोधपुर ने सलमान को कांकाणी में दो काले हिरणों के शिकार करने के आरोप में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 51 के तहत पांच साल की सजा तथा दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया था जबकि अन्य आरोपी सैफअली खान, अभिनेत्री नीलम, तब्बू तथा सोनोली को बरी कर दिया था।
सलमान खान को उसी दिन जोधपुर के केंद्रीय कारागार में भेज दिया गया था। वहीं सलमान की ओर से भी उसी दिन सत्र न्यायालय में सजा स्थगन की अपील दायर की गई थी।
उधर राज्य सरकार ने बरी किए गए अन्य आरोपियों के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील पेश कर दी। दूसरी ओर अवैध हथियार मामले में सलमान खान को बरी करने के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा इसी कोर्ट में अपील दायर कर रखी है। दोनों अपीलों की सुनवाई एक साथ हो रही है।
Published on:
28 Sept 2019 01:47 am
