
50 हजार टन नमक के नुकसान के बाद भी खुश है उत्पादक
फलोदी (जोधपुर ) . बाप व मलार रिण क्षेत्र में हुई बारिश से नमक उत्पादकों का खाटियों में पड़ा 50 हजार टन नमक पानी के साथ बह गया है, लेकिन बावजूद इसके भविष्य में अच्छा उत्पादन मिलने की उम्मीद को लेकर नमक उत्पादकों में खुशी की लहर है।
गत दो दशकों से बारिश की कमी के चलते फलोदी के मलार व बाप रिण में लगातार नमक उत्पादन घटता जा रहा था, जिससे यहां के नमक उत्पादक चिंतित थे, लेकिन गत दो दिनों से हो रही अच्छी बारिश ने नमक उत्पादकों में खुशी ला दी है।
उन्हें उम्मीद है कि लवणीय क्षेत्र में बारिश होने से बारिश का पानी नमक उत्पादन को बढ़ाने में सहायक होगा। जानकारों की माने तो दीपावली के बाद रिण क्षेत्र में नमक उत्पादन के समय वापिस दो से चार गुना नमक उत्पादन होगा, जिससे नमक उत्पादकों को नुकसान का गम कम खुशी अधिक है।
बीस साल में 60 फीसदी घटा उत्पादन
फलोदी के मलार व बाप रिण क्षेत्र में बीस साल पहले जहां प्रतिवर्ष 10 लाख टन नमक उत्पादन होता था, जो वर्तमान में घटकर 4 लाख टन ही रह गया है। बारिश की कमी व रिण क्षेत्र में जमीन का पानी नीचे जाने से नमक उत्पादन में गिरावट आई है, लेकिन बारिश होने से उम्मीद है कि इस साल नमक का उत्पादन एक बार फिर बढ़ जाएगा।
- मधु जोशी , मंत्री रिण नमक उत्पादक संगठन फलोदी।
फैक्ट फाइल
- 150 नमक उत्पादक इकाइयां स्थापित हैं फलोदी व बाप रिण नमक क्षेत्र में।
- 200 से अधिक खाटियों में होता है नमक का उत्पादन।
- 50 वर्गकिलोमीटर क्षेत्र में फैला है फलोदी का मलार व बाप रिण नमक क्षेत्र।
- 4 नमक रिफायनरी स्थापित हैं फलोदी के नमक उत्पादन क्षेत्र में।
- 5 हजार से अधिक श्रमिकों को रोजगार मिलता है फलोदी रिण नमक क्षेत्र से।
Published on:
12 Sept 2021 09:10 pm
