
सांभर यार्ड का रेलवे ओवरब्रिज 11 सालों से अनुपयोगी, क्यों हुई यह दुर्दशा, पढि़ए पूरी खबर
जोधपुर।
उत्तर-पश्चिम रेलवे के जोधपुर रेल मण्डल के जोधपुर-फुलेरा रेल मार्ग पर सांभर रेलवे यार्ड में बरसों पुराने जर्जर रेलवे ओवर ब्रिज को संरक्षा आयुक्त की अनुमति के बाद गिरा दिया गया। रेलवे का कहना है कि पुल काफी कमजोर हो चुका था, यात्री जीवन को सुरक्षित रखने और रेलवे ट्रेक की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दृष्टि से इसे हटाया गया है।
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11 वर्षो से ब्रिज से नमक लदान नहीं हो रहा था
जोधपुर मण्डल के सांभर रेलवे स्टेशन यार्ड पर बने इस ओवरब्रिज का उपयोग सांभर झील पर उत्पादित नमक को लदान के लिए एक दिशा से दूसरी दिशा की ओर ले जाने के लिए किया जा रहा था। सांभर साल्ट संगठन की ओर से यह प्रक्रिया सड़क मार्ग से शुरू करने के बाद ब्रिज का पिछले करीब 11 वर्षों से नमक लदान की दृष्टि से उपयोग नहीं हो रहा था। तब से यह ब्रिज रेलवे के लिए अनुपयोगी हो गया।
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पुननिर्माण की कार्यवाही नहीं हुई
मण्डल रेल प्रबंधक गीतिका पाण्डेय के अनुसार, जनवरी 2022 में सांभर साल्ट संगठन को इस ओवर ब्रिज पर इसकी दुर्दशा को देखते हुए इस पर यातायात बंद करने और इसके पुनर्निर्माण करने के निर्देश दिए गए थे। मगर इस संबंध में किसी तरह की कार्यवाही नहीं होते देख आखिरकार रेल प्रशासन ने पश्चिम क्षेत्र के संरक्षा आयुक्त की अनुमति के बाद ब्रिज को हटा दिया।
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239 बेटिकट यात्रियों से सवा लाख वसूले
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (रेलवे) श्यामसुंदर विश्नोई के नेतृत्व में चलाए गए सघन टिकट जांच अभियान के दौरान पकड़े गए 239 बिना टिकट यात्रियों से करीब सवा लाख रुपए से भी ज्यादा का जुर्माना वसूला गया ।
Published on:
30 May 2022 04:24 pm
