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कोरोना संक्रमितों के लिए ‘संजीवनीÓ साबित हुआ प्लाज्मा

    अब तक 329 प्लाज्मा डोनेशन हो चुके
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जोधपुर. आइसीएमआर की स्टडी में भले ही कोरोना से ठीक हुए मरीजों के प्लाज्मा को संक्रमित मरीजों के इलाज में कारगर नहीं माना गया हो, लेकिन जोधपुर में कोरोना संक्रमितों के लिए प्लाज्मा थैरेपी 'संजीवनीÓ बनकर सामने आई है। प्लाज्मा थैरेपी से यहां लगभग दो सौ कोरोना संक्रमितों को नई जिंदगी मिली। अब भी विभिन्न अस्पतालों में गंभीर संक्रमितों का प्लाजमा थैरेपी से इलाज किया जा रहा है। कोरोना से ठीक हुए लोग भी उत्साह के साथ प्लाज्मा डोनेट कर रहे हैं। अब तक 329 प्लाज्मा डोनेशन हो चुके हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि हालांकि एसिम्पटोमेटिक (बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमितों) के प्लाज्मा गंभीर कोरोना संक्रमितों के लिए ज्यादा असरदार नहीं रहे, लेकिन कोरोना लक्ष्णों के साथ संक्रमित पाए गए मरीजों के ठीक होने के बाद उनसे लिया गया प्लाज्मा गंभीर मरीजों के लिए रामबाण साबित हुआ।

फैक्ट फाइल

329 यूनिट प्लाज्मा एकत्रित हुआ
301 मरीजों को चढ़ा प्लाज्मा

92 यूनिट प्लाज्मा एमजीएच एकत्रित,
88 मरीजों के आया काम

98 यूनिट प्लाज्मा एमडीएम अस्पताल में एकत्रित

94 मरीजों को चढ़ाया गया प्लाज्मा

119 यूनिट प्लाज्मा निजी अस्पतालों के मरीजों को चढ़ा

200 मरीज हुए ठीक

कोविड रोगियों को मिल रही एंटी बॉडी
प्लाज्मा कोविड रोगियों को एंटीबॉडी प्रदान करता है। कोरोना संक्रमण को हराने के दौरान बनी एंटी बॉडी के कारण ऐसे ठीक हुए मरीजों का प्लाज्मा अत्यधिक संक्रमण से जूझ रहे मरीजों के लिए जीवन रक्षक बना है। हालांकि सभी जगह इसके परिणाम अलग रहे, लेकिन जोधपुर के डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में प्लाज्मा ने अच्छा रिजल्ट दिया है।

- डॉ. इंदु थानवी, सीनियर प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज


कई रोगियों के लिए रहा असरकारी

जोधपुर के एमजीएच व एमडीएम अस्पताल में प्लाज्मा चढ़ाने के बाद रोगियों को खासी राहत मिली। आइसीएमआर ने ने प्लाजमा थैरेपी को भले ही कारगर नहीं माना, लेकिन दिल्ली के एक अस्पताल मेरे कहने पर एक परिचित रोगी को प्लाज्मा चढ़ाया गया। रोगी की हालत में सुधार आया है। इस तरह जोधपुर में कई रोगियों के लिए प्लाज्मा थैरेपी असरकारी साबित हुई है।
- डॉ. नवीन किशोरिया, सीनियर प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज

निजी अस्पतालों में भी रहे अच्छे परिणाम
निजी अस्पतालों में भी कोरोना मरीजों को प्लाज्मा चढ़ा है। कई रोगियों की सेहत सुधरी है। जिन रोगियों को अप्रभावी रहा, उनकी हालत बहुत ज्यादा नाजुक थी। जो संक्रमित गंभीर हालत के दौरान तुरंत अस्पताल पहुंच गए, उन पर प्लाज्मा थैरेपी काफी असरकारी रही। कई मरीज ठीक होकर घर पहुंचे हैं।

- डॉ. अभिषेक तातेड़, वरिष्ठ फिजिशियन