
16.24 करोड़ का घोटाला : एमइएस के 8 इंजीनियर व 12 फर्मों की मिलीभगत
जोधपुर।
मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (एमइएस) में 16.24 करोड़ रुपए के घोटाले के पीछे एमइएस के दो गैरिसन इंजीनियर जीई, तीन एजीई और तीन जेई और 12 निजी फर्मों की मिलीभगत है। इनमें से एक गैरीसन इंजीनियर जोधपुर में बनाड़ रोड एमईएस में है।
शिकायत की जांच के बाद सीबीआइ ने इन सभी के खिलाफ भ्रष्टचार अधिनिम की धाराओं में पांच एफआइआर दर्ज की है।
सूत्रों के अनुसार सीबीआइ ने बनाड़ रोड पर एमईएस के गैरीसन इंजीनियर बीएम वर्मा के ठिकानें पर तलाशी ली थी, जहां से कई दस्तावेज जब्त किए गए हैं। जिनकी जांच की जा रही है।
बगैर काम 16.24 करोड़ का भुगतान किया
वर्ष 2020-21, 2021-22 और 2022-23 में विभिन्न कार्यों के लिए 59 ठेके दिए गए थे। ठेके लेने वाली कम्पनियों ने काफी कम दर से ठेके लिए थे। इन कम्पनियों ने मौके पर कोई काम नहीं किया था। इसके बावजूद एमइएस के लोक सेवकों की मिलीभगत से इन कम्पनियों को 16.24 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया गया था।
पहली एफआइआर : 2.17 करोड़ रुपए की गड़बड़ी
मध्यप्रदेश के जबलपुर सीबीआइ की पहली एफआइआर में एमईएस जोधपुर के जीई बीएम वर्मा, जबरलपुर के जीई धीरज कुमार, शिलांग जोन के एजीई राजीव भारती, जबरपुर के एजीई केएन विश्वकर्मा, जीई रत्नेश कुमार त्रिपाठी व मुकेश तिवारी और मैसर्स सोनल कस्ट्रक्शंस के खिलाफ 2.17,86,000 रुपए की गड़बड़ी का आरोप है।
दूसरी एफआइआर : 4.57 करोड़ का घोटाला
मध्यप्रदेश के जबलपुर सीबीआइ की पहली एफआइआर में एमईएस जोधपुर के जीई बीएम वर्मा, जबरलपुर के जीई धीरज कुमार, शिलांग जोन के एजीई राजीव भारती, जबरपुर के एजीई केएन विश्वकर्मा, जीई रत्नेश कुमार त्रिपाठी व मुकेश तिवारी और मैसर्स कृष्णा ट्रेडर्स के खिलाफ 4,57,55,000 रुपए का घोटाला करने का आरोप है।
तीसरी एफआइआर : 2.03 करोड़ की गड़बड़ी
मध्यप्रदेश के जबलपुर सीबीआइ की पहली एफआइआर में एमईएस जोधपुर के जीई बीएम वर्मा, जबरलपुर के जीई धीरज कुमार, शिलांग जोन के एजीई राजीव भारती, जबरपुर के एजीई केएन विश्वकर्मा, जीई रत्नेश कुमार त्रिपाठी व मुकेश तिवारी और मैसर्स एसके ट्रेेडर्स के खिलाफ 2,03,16,000 रुपए की गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है।
चौथी एफआइर : 3.52 करोड़ का भ्रष्टाचार
मध्यप्रदेश के जबलपुर सीबीआइ की पहली एफआइआर में एमईएस जोधपुर के जीई बीएम वर्मा, जबरलपुर के जीई धीरज कुमार, शिलांग जोन के एजीई राजीव भारती, जबरपुर के एजीई केएन विश्वकर्मा, जीई रत्नेश कुमार त्रिपाठी व मुकेश तिवारी और मैसर्स गुडलक एंटरप्राइजेज पर 3,52,44,000 रुपए का भुगतान लेने का आरोप है।
5वीं एफआइआर : 3.93 करोड़ का भ्रष्टाचार
मध्यप्रदेश के जबलपुर सीबीआइ की पहली एफआइआर में एमईएस जोधपुर के जीई बीएम वर्मा, जबरलपुर के जीई धीरज कुमार, शिलांग जोन के एजीई राजीव भारती, जबरपुर के एजीई केएन विश्वकर्मा, जीई रत्नेश कुमार त्रिपाठी व मुकेश तिवारी, एई मिंटू राज व जेई मनोाज कुमार, मैसर्स शिवालिक इंजीनियरिंग वर्क, स्काई लाइन एनकॉन, रस्तोगी बिल्डर्स, आरके ट्रांसफामर, डायमण्ड इलेक्ट्रिकल, एके बिल्डर्स, मंगलम ट्रेडर्स, गौतम इलेक्ट्रिक वर्क और जितेन्द्रिसंह के खिलापु 3.93,62,000 रुपए की गड़बड़ी का आरोप है।
Published on:
23 Jul 2023 12:49 am
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