26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दाखिले में भारी गिरावट : 50% सीटें खाली, पिछले चार सालों से जारी है रुझान

जोधपुर के सरदार पटेल पुलिस सुरक्षा एवं दाण्डिक न्याय विश्वविद्यालय में छात्रों की कमी से सीटें खाली पड़ी हैं। शिक्षकों की कमी, आधारभूत सुविधाओं का अभाव और कैंपस की लोकेशन छात्रों को आकर्षित नहीं कर पा रही है।

2 min read
Google source verification
राजस्थान के पहले पुलिस विश्वविद्यालय, जोधपुर स्थित सरदार पटेल पुलिस सुरक्षा एवं दाण्डिक न्याय विश्वविद्यालय में छात्रों का मोहभंग होता जा रहा है। हर साल लगभग 50 प्रतिशत सीटें खाली रह जाती हैं। शैक्षणिक सत्र में लगभग 100 छात्र ही प्रवेश लेते हैं। वर्ष 2024 में 194 सीटों पर लगभग 103 छात्रों ने प्रवेश लिया था।

एमए इन इंटरनेशनल रिलेशन में एक भी दाखिला नहीं हुआ, जिसके कारण उसमें जीरो सेशन घोषित करना पड़ा। मास्टर ऑफ सोशल वर्क में केवल 2 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया। एमटैक साइबर सिक्योरिटी में केवल 7 छात्र हैं। विद्यार्थियों के कोर्सेज छोड़ कर जाने का सिलसिला जारी है। इसी कारण अब प्रवेश को ओपन कर दिया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यही स्थिति रही तो विश्वविद्यालय को किसी बड़े विश्वविद्यालय में मर्ज कर देना चाहिए।

पुलिस विवि की स्थापना 2013 में हुई थी। वर्तमान में इसमें सात पाठ्यक्रम संचालित हैं। इसमें दो स्नातक और पांच स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम हैं। कुछ डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी चल रहे हैं, उनमें भी विद्यार्थियों की संख्या बहुत कम है।

वर्ष 2024 में पुलिस विवि में एडमिशन की स्थिति


  • एमए इंटरनेशनल रिलेशन में जीरो सेशन हो गया।
  • एमए क्रिमिनोलॉजी में 10 से अधिक और एलएलएम में 5 से अधिक विद्यार्थी कोर्स छोड़ चुके हैं। हालांकि इन्हीं दो कोर्सेज में सर्वाधिक प्रवेश हुए हैं।
  • एमटैक साइबर सिक्योरिटी में 24 सीट में से केवल 7 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है।
  • यूनिसेफ फण्ड डेड मास्टर ऑफ सोशल वर्क में 20 सीटों में से केवल 2 ने प्रवेश लिया।

पुलिस विवि से मोह भंग का कारण


  • शिक्षकों की कमी, केवल 15 असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। एक भी प्रोफेसर व एसोसिएट प्रोफेसर नहीं है।
  • कैंपस में आधारभूत सुविधाओं की कमी है।
  • कैंपस हाईवे से 4 किलोमीटर अंदर है। रोजमर्रा का सामना, मेडिकल सुविधा कुछ भी नहीं है।
  • खेलकूद के संसाधनों का भी अभाव।
  • साइबर सिक्योरिटी कोर्स के अलावा अन्य विषयों में जर्नल्स का अभाव।

किस विषय में कितने स्टूडेंट ने लिया प्रवेश







































































पाठ्यक्रमसीट2021202220232024
बीए सोशल साइंस4014192014
बीए सिक्योरिटी मैनेजमेंट4021242728
एमटैक साइबर सिक्योरिटी2415577
मास्टर ऑफ सोशल वर्क20शुरू नहीं722
एमए इंटरनेशनल रिलेशन20शुरू नहींशुरू नहीं3जीरो सेशन
एमए क्रिमिनोलॉजी3024282825
एलएलएम क्रिमिनल लॉ207162017

वर्ष - प्रवेश हुए


  • 2021 - 81
  • 2022 - 99
  • 2023 - 107
  • 2024 - 103

यह वीडियो भी देखें

https://www.youtube.com/shorts/y6cF9rnogP4

अगले सत्र से आशाजनक परिणाम

पिछले कुछ समय से एडमिशन गिर रहे हैं। हमने विद्यार्थियों को रोकने के लिए कई एमओयू किए हैं। उम्मीद है अगले सत्र से आशाजनक परिणाम देखने को मिलेंगे।

- शिल्पा सिंह, रजिस्ट्रार, पुलिस विश्वविद्यालय, जोधपुर

यह भी पढ़ें- राजस्थान के बारां में 6 महीने की बच्ची HMPV पॉजिटिव, सर्वे के लिए गांव पहुंची 3 टीमें