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आत्म निर्भर भारत रोजगार सृजन का उपकरण बनेगा

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आत्म निर्भर भारत रोजगार सृजन का उपकरण बनेगा

आत्म निर्भर भारत रोजगार सृजन का उपकरण बनेगा

जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के लोक प्रशासन विभाग और नेहरू स्टडी सेंटर के संयुक्त तत्वाधान में सतत् विकास एवं आत्मनिर्भर भारत: महत्वपूर्ण मुद्दे विषय पर राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन किया गया।
संयोजक प्रो मीना बरडिय़ा ने थीम पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता विवेकानंद विश्वविद्यालय जयपुर के कुलपति प्रो वीवी सिंह ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत से अर्थव्यवस्था बंद नहीं होगी बल्कि यह रोजगार सर्जन का माध्यम बनेगा। देश में अकुशल श्रमिक आत्मनिर्भर भारत योजना में सबसे बड़ी बाधा है।
दूसरे मुख्य वक्ता महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी, बिहार के कुलपति प्रो संजीव कुमार शर्मा सतत् विकास से समग्र विकास पर ध्यान देने की बात कही। उनके अनुसार आत्मनिर्भर भारत में जनसंख्या नियंत्रण, स्वदेश तथा सामाजिक समन्वय की अवधारणा समाहित है। आत्मनिर्भर भारत सनातन साहित्य में उल्लेखित है इसलिए इसे नवीन अवधारणा मानना ठीक नहीं है।
विवि कुलपति प्रो पीसी त्रिवेदी ने कहा कि आवश्यकता व तृष्णा के बीच अंतर को समझ कर आत्मनिर्भर भारत का सपना सच किया जा सकता है। उन्होंने भारत में विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन पक्ष की कमजोरियों को रेखांकित करते हुए संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं होना सबसे बड़ी समस्या बताया।
विभागाध्यक्ष प्रो जेएस शेखावत, नेहरू स्टडी सेंटर के निदेशक डॉ दिनेश गहलोत और सहायक आचार्य चारु भुरट ने भी संबोधित किया।