
खेतेश्वर महाविद्यालय के बाहर हंगामा करते अभ्यर्थी। फोटो- पत्रिका
राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा 2024 (माध्यमिक शिक्षा विभाग) रविवार से शुरू हो गई। परीक्षा पहले दिन दो पारियों में हुई। जोधपुर में खेतेश्वर महाविद्यालय में बनाए गए परीक्षा केंद्र में प्रथम पारी में सामान्य ज्ञान के पर्चे के दौरान तीन चार अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र की सील खुली हुई मिली। उनकी प्लास्टिक की थैली सीलपैक नहीं थी।
अभ्यर्थियों ने कक्ष में ही हंगामा किया, लेकिन समझाइश और जांच करने का आश्वासन देने के बाद अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा समाप्त होने के बाद दोपहर 12 बजे परीक्षा केंद्र के बाहर अभ्यर्थियों ने हंगामा किया। अभ्यर्थियों का कहना था कि उनके प्रश्न पत्र की सील टूटी हुई थी और शिकायत करने पर अधिकारी उन्हें नकल के केस में फंसाने की धमकी दे रहे थे।
अभ्यर्थियों ने नारेबाजी और प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनके समझाने के लिए प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंची। जिला प्रशासन ने केंद्राधीक्षक से पूरे मामले की रिपोर्ट लेकर शाम को आरपीएससी भेज दी। दूसरी तरफ जिला प्रशासन का यह भी कहना है कि हंगामा करने वाला अभ्यर्थी परीक्षा के दौरान नियम विरुद्ध फुल आस्तीन की शर्ट पहनकर आया था और उसे टोकने पर उससे नोकझोंक भी हुई थी।
जिला प्रशासन का कहना है कि आरपीएससी से प्रश्न पत्र सीधा ट्रेजरी आते हैं। परीक्षा के दिन ही एडीएम, डीईओ, पुलिस की उपस्थिति में परीक्षा केंद्र तक प्रश्न पत्र पहुंचते हैं। यह लोहे का बॉक्स होता है, जिस पर चार डिजिटल ताले होते हैं। परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले आरपीएससी परीक्षा केंद्र अधीक्षक को पासवर्ड भेजती है। लोहे के बॉक्स में कक्ष संख्या के अनुसार कागज के लिफाफे होते हैं, जो परीक्षा कक्ष के दो इन्वीजीलेटर को दिए जाते हैं।
इस लिफाफे को चाकू से काटकर प्रश्न पत्र निकालते हैं, जो प्लास्टिक की थैली में रहते हैं। इन लाखों थैलियों को गर्म करके चिपकाया जाता है। कई बार यह खुली रह जाती है। रविवार को खेतेश्वर कॉलेज में भी यही हुआ था। गत 26 जून को प्राध्यापक एवं कोच प्रतियोगी परीक्षा के दौरान भी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पाल रोड में एक अभ्यर्थी के प्लास्टिक की थैली खुली मिली थी।
परीक्षा दो पारियों में हुई। दोनों ही पारी में एक ही अभ्यर्थी बैठे। प्रथम पारी प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक हुई, जिसमें सामान्य ज्ञान का पर्चा था। शहर में 115 परीक्षा केंद्र थे। रजिस्टर्ड 36 हजार 800 परीक्षार्थियों में से 22 हजार 219 परीक्षा देने पहुंचे। दूसरी पारी दोपहर तीन बजे से 5:30 बजे तक थी। इसमें 229 अभ्यर्थी और कम हो गए यानी 21 हजार 990 ने परीक्षा दी। करीब 60 प्रतिशत ने परीक्षा दी। सोमवार को पहली पारी में जीके और दूसरी पारी में हिन्दी का पेपर है।
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इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विपक्ष के नेता टीकाराम जूली और सांसद हनुमान बेनीवाल ने चिंता जताई।
हमने केंद्राधीक्षक से रिपोर्ट लेकर आरपीएससी भेज दी है। केवल तीन चार अभ्यर्थियों के प्लास्टिक की सील खुली थी। इसमें पेपर आउट जैसी कोई बात नहीं है।
Updated on:
07 Sept 2025 09:01 pm
Published on:
07 Sept 2025 09:01 pm
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