
प्रदेश के सेक्स वर्कर्स को अब हर महीने ड्राई राशन किट
जोधपुर. प्रदेश में कार्यरत सेक्स वर्कर्स (Sex workers) को अब राज्य सरकार की ओर से ड्राई राशन किट उपलब्ध करवाया जाएगा। इसका खर्चा मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष से वहन किया जाएगा। इस दौरान सेक्स वर्कर्स की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। सभी जिला कलेक्टर्स को नवंबर से सेक्स वर्कर्स को ड्राई राशन कार्ड देने के निर्देश दिए गए हैं।
बुद्धदेव करमास्कर बनाम पश्चिम बंगाल सरकार (West Bengal) व अन्य में सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) के आदेश के बाद 14 अक्टूबर को प्रदेश के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सेक्स वर्कर्स को ड्राई किट उपलब्ध कराए जाने का निर्णय किया गया। हर महीने की 15 तारीख तक सेक्स वर्कर्स को ड्राई किट मिलेगा। इसका डाटा अलग से संधारित किया जाकर प्रत्येक महीने की 20 तारीख तक सूचना खाद्य विभाग को भिजवाई जाएगी। वितरण व्यवस्था की देखरेख राज्य एवं विधिक सेवा प्राधिकरण करेगा।
चिकित्सा विभाग को किट देगा खाद्य विभाग
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग प्रत्येक महीने ड्राई राशन किट तैयार कर चिकित्सा विभाग को देगा। चिकित्सा विभाग अपने पास उपलब्ध सर्वे सूची के अनुसार सेक्स वर्कर्स को संबंधित एनजीओ के माध्यम से वितरित कराकर खाद्य विभाग को प्रमाण पत्र उपलब्ध कराएगा।
लॉकडाउन में भूखे मर गए थे
कोरोना लॉकडाउन के दौरान देश के अधिकांश स्थानों पर सेक्स वर्कर्स की भूखे मरने की नौबत आ गई थी, तब कुछ राज्य सरकारों के साथ सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप किया था।
पीडीएस में वर्तमान में केवल गेहूं
प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के अंतर्गत वर्तमान में खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत आने वाले पात्र परिवारों को केवल गेहूं उपलब्ध करवाया जाता है जो अंत्योदय, बीपीएल और स्टेट बीपीएल को 1 रुपए प्रति किलो और अन्य लाभार्थियों को 2 रुपए प्रति किलो प्रति व्यक्ति प्रति महीना 5 किलो मिलता है।
यह रहेगा ड्राई राशन किट में
- 5 किलोग्राम आटा
- 1 किलोग्राम चावल
- 500 ग्राम खाद्य तेल
- 1 किलोग्राम दाल
- 500 ग्राम नमक
Updated on:
29 Oct 2020 08:43 am
Published on:
29 Oct 2020 08:37 am
