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थानाधिकारी लाइन हाजिर, थानेदार निलम्बित, जानें क्या है कारण…

- दीवार तोड़कर गलत जमीन का कब्जा दिलाने पर उप निरीक्षक निलम्बित- कब्जा लेने वाले के खिलाफ एफआइआर भी दर्ज
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थानाधिकारी लाइन हाजिर, थानेदार निलम्बित, जानें क्या है कारण...

थानाधिकारी लाइन हाजिर, थानेदार निलम्बित, जानें क्या है कारण...

जोधपुर।
सरकारी जमीन से अतिक्रमण (Encroachment on land) हटवाने वाले तहसीलदार के खिलाफ एफआइआर (FIR) दर्ज करने पर करवड़ (Police station Karwar) थानाधिकारी (SHO send to line) कैलाशदान को मंगलवार को लाइन हाजिर कर दिया गया। वहीं, कोर्ट के आदेश बगैर पटवारी व कमिश्नर की मौजूदगी में दीवार तोड़कर गलत जमीन पर कब्जा दिलाने के मामले में एयरपोर्ट थाने (Police station Airport) के उप निरीक्षक जगदीश प्रसाद को निलम्बित करने के आदेश जारी किए गए। (Sub inspector suspended)
पुलिस कमिश्नर रविदत्त गौड़ ने बताया कि करवड़ थानाधिकारी कैलाशदान को लाइन हाजिर किया गया है। फिलहाल किसी अन्य अधिकारी को पदस्थापित नहीं किया गया है। वहीं, एयरपोर्ट थाने के एसआइ जगदीश प्रसाद को निलम्बित कर जांच के आदेश दिए गए हैं।
एफआइआर दर्ज कर सूचित भी नहीं किया
तहसीलदार नारायणराम सुथार ने गत 6 अक्टूबर को करवड़ में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटवाया था। दूसरे ही दिन जमीन पर कब्जा करने वाले व्यक्ति ने करवड़ थाने में लिखित शिकायत दी। उसने तहसीलदार व अन्य के खिलाफ उसकी जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने शिकायत की बगैर जांच तहसीलदार व चार अन्य के खिलाफ जमीन पर अनाधिकृत प्रवेश, तोड़-फोड़, झोंपड़ी हटाने और एससी-एसटी एक्ट में एफआइआर दर्ज कर ली।इतना ही नहीं, अधिकारियों को अवगत भी नहीं कराया गया। इसकी शिकायत पुलिस उपायुक्त (पूर्व) डॉ अमृता दुहन तक पहुंची। उन्होंने पुलिस कमिश्नर गौड़ को अवगत कराया। इस पर थानाधिकारी कैलाशदान को लाइन हाजिर करने के आदेश जारी किए गए।
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जमीन पर कब्जा दिलाने पर थानेदार निलम्बित
कोर्ट ने विनायकिया गांव में एक जमीन से अतिक्रमण हटाकर विनोद आर्य को कब्जा दिलाने का आदेश दिया था। भुगतान जमा कराने पर पुलिस जाब्ता उपलब्ध करवाने के आदेश भी दिए गए थे। जाब्ता मुहैया करवाने के लिए पुलिस में आवेदन किया गया। जिसे आवश्यक कार्रवाई के लिए एसीपी को भिजवा दिया गया। पटवारी व कोर्ट कमिश्नर की मौजूदगी व उनके निर्देश पर जमीन से अतिक्रमण हटाया जाना चाहिए था, लेकिन एयरपोर्ट थाने के उप निरीक्षक की मौजूदगी में विनोद आर्य ने अन्य के खेत में दीवार तोड़कर कब्जा कर लिया था। जमीन मालिक को पता लगा तो विरोध जताया। डीसीपी डॉ अमृता दुहन को लिखित में शिकायत दी गई। पटवारी को बुलाकर जांच कराई गई तो पता लगा कि पुलिस ने अन्य की जमीन पर कब्जा दिला दिया था। कोर्ट के आदेश में दूसरी जमीन थी। पुलिस ने मालिक को दुबारा कब्जा दिलाया। साथ ही उप निरीक्षक जगदीश प्रसाद को निलम्बित कर दिया गया। जमीन मालिक राजेश कुम्भट की तरफ से विनोद आर्य के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया। उसके खिलाफ सात मामले पहले से दर्ज हैं।