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जोधपुर. शहर में पेयजल संकट के कारण एक माह में दो बार 24-24 घंटे का शट डाउन लेने की नौबत आ गई है। लिफ्ट कैनाल से मिलने वाला पानी पिछले एक-डेढ़ माह में कम कर दिया गया। हालांकि पहले जो पानी मिल रहा था वह स्वीकृत से काफी कम था। लेकिन उससे काम चल रहा था। अब पिछले कुछ समय से जो स्थिति है उससे गांवों और शहरों में पीने के पानी का संग्रहण करने में भी परेशानी आ रही है। हालांकि बीते दिनों जिला कलक्टर रविकुमार सुरपुर ने एक बैठक के दौरान इंदिरा गांधी नहर प्रोजेक्ट को पत्र भी लिखा है।
जोधपुर शहर में गर्मियों में शुरू हुआ जल संकट समय के साथ कम होने की बजाय बढ़ता जा रहा है। सर्दियों में पानी की मांग कम रहती है। ऐसे में जलदाय विभाग को उम्मीद थी कि जितना पानी दोनों प्रमुख जलाशयों में संग्रह करना है वह हो जाएगा। लेकिन इससे पहले ही आईजीएनपी ने 30 क्यूसेक पानी जिले को कम भेजना शुरू कर दिया। इससे हालात विकट हो गए। दोनों जलाशयों में सात दिन का ही पानी संग्रह होने लगा है। अगले साल गर्मियों में नहर का सबसे बड़ा क्लोजर प्रस्तावित है। ऐसे में हालात और विकट हो सकते हैं।
72 घंटे रोटेशन सप्लाई का प्रोजेक्ट तैयार
अभी 48 घंटे में हो रही पेयजल सप्लाई को 72 घंटे में एक बार करने का प्लान बन चुका है। लेकिन अधिकारी उसे लागू करने से बच रहे हैं। यदि पानी की मात्रा अगले माह भी नहीं बढ़ी तो यह प्लान लागू हो सकता है।
जोधपुर जिले की स्थिति
- 350 क्यूसेक पानी स्वीकृत है जोधपुर जिले को
- 240 क्यूसेक पानी अभी मिल रहा
- 270 क्यूसेक पानी डेढ़ माह पहले तक मिल रहा था
- 07 दिन का ही पानी स्टोरेज है तख्तसागर व कायलाना में
इनका कहना है
अभी कुछ समय से पानी कम कर दिया गया है। इसी कारण जिला कलक्टर के साथ बैठक की गई थी। पत्र लिखा गया है, अब देखते हैं आईजीएनपी से इसका क्या जवाब आता है।
- दिनेश पेडीवाल, अधीक्षण अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग
Updated on:
06 Nov 2018 12:38 pm
Published on:
06 Nov 2018 12:38 pm
