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आरोपी तक पहुंचने के बावजूद नहीं पकडऩे पर थानेदार निलम्बित

- पुलिस स्टेशन सरदारपुरा का हाल- मारपीट की जांच के मामले में गलत बर्ताव पर एएसआइ व कांस्टेबल लाइन हाजिर
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आरोपी तक पहुंचने के बावजूद नहीं पकडऩे पर थानेदार निलम्बित

आरोपी तक पहुंचने के बावजूद नहीं पकडऩे पर थानेदार निलम्बित

जोधपुर.
पुलिस स्टेशन सरदारपुरा सुर्खियों में है। धोखाधड़ी के पुराने मामले में दिल्ली-नोएडा में आरोपी के घर तक पहुंचने के बाद भी गिरफ्तार करके न लाने पर एक उप निरीक्षक (थानेदार) को निलम्बित कर दिया गया। वहीं, मारपीट के एक मामले में आरोपी की शिकायत व गलत बर्ताव पर एक एएसआइ व कांस्टेबल को लाइन हाजिर करने के आदेश जारी किए गए। इतना होने के बाद भी थानाधिकारी हनुमानसिंह ने अनभिज्ञता जाहिर कर दी।

पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि उप निरीक्षक मुकेश मीणा को निलम्बित किया गया है। वहीं, एक अन्य मामले में गलत बर्ताव करने की शिकायत मिलने पर एएसआइ कांशीराम व कांस्टेबल दिनेश को लाइन हाजिर किया गया है।

सरदारपुरा थाने में धोखाधड़ी का एक मामला दर्ज है। एसआइ मुकेश मीणा के पास जांच थी। आरोपी के दिल्ली व नोएडा में होने की सूचना पर उन्हें वहां भेजा गया। पुलिस का कहना है कि एसआइ मीणा आरोपी तक उसके घर पहुंच गए थे, लेकिन उसे पकड़कर जोधपुर नहीं लाए। इस संबंध में दूसरे पक्ष ने पुलिस को शिकायत दी। इस पर डीसीपी ने एसआइ मीणा को निलम्बित कर दिया।
दूसरे पक्ष को मिलने का कहना पड़ा भारी

मारपीट की शिकायत के मामले में दूसरे पक्ष को थाने आकर मिलने के लिए बोलना दो पुलिसकर्मियों के लिए भारी पड़ गया। एक दुकानदार की शिकायत पर कांस्टेबल दिनेश ने रूबरू कराने के लिए दूसरे पक्ष को थाने बुलाया था, लेकिन वह थाने नहीं पहुंचा। तब एएसआइ कांशीराम ने उसे फोन कर थाने आकर कांस्टेबल से मिलने को कहा। इस मिलने के बारे में उस व्यक्ति ने डीसीपी को शिकायत कर दी। ऐसे में एएसआइ कांशीराम व कांस्टेबल दिनेश को लाइन हाजिर कर दिया गया।
थानाधिकारी ने पल्ला झाड़ा, 'मुझ़े पता ही नहींÓ

थाने के एक उप निरीक्षक को निलम्बित करने के मामले में सरदारपुरा थानाधिकारी हनुमानसिंह से बात की गई, लेकिन उन्होंने पूरे मामले से ही अनभिज्ञता जता दी। उन्होंने कहा कि एसआइ को निलम्बित करने के बारे में उन्हें पता तक नहीं है।