
वीडियो : नंदकिशोर सारस्वत/जोधपुर. खिलता हुआ गुलाब महकती कली है तू, फैली हुई जमीं पे हसीं चांदनी है तू…। सूफियाना रंग, खनकती आवाज, गुलाबी सर्दी की सुरमई शाम मेहरानगढ़ के जनाना ड्योढ़ी कोर्ट यार्ड में बिखरतीं स्वर लहरियां और बार-बार गंूजी वाह वाह व तालियों की आवाज। यह स्वर सुधा और मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट की साझा मेजबानी में मंगलवार शाम सजे सिंगिंग कन्सर्ट का नजारा था, जहां ग्लोबल इंडियन अवार्ड के लिए नामित लोकप्रिय सूफी और बॉलीवुड सिंगर ओसमान मीर ने दिलकश आवाज में एक से बढकऱ एक सूफियाना रचनाएं, गीत व गजलें पेश कर सूर्यनगरी संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध किया।
संगीत की लहरियों से लबरेज कार्यक्रम में शास्त्रीय गायकी बारीकियों के पेचोखम, सूफी गायकी की संजीदगी, पाकिजगी और पुख्तगी के साथ गजल का शाहिस्ता अंदाज और लोक संगीत की सुरों ने सूर्यनगरीवासियों के लिए संगीतमय शाम को यादगार बना दिया। सांसों की माला पर सींवरू में पी का नाम…आओगे जब तुम साजना …अंगना फूल खिले… की प्रस्तुति पर उपस्थित श्रोताओं ने खड़े रहकर तालियों की गडगड़़ाहट से दाद दी। हेरी सखी मंगल गाओ री..प्रस्तुत कर माहौल में अध्यात्म की खुशबू बिखेरी। श्रोताओं की फरमाइश पर मांड गायकी केसरिया बालम पधारो म्हारे देस.., हम तेरे शहर में आए मुसाफिर की तरह.. भी पेश किया।
मेहरानगढ़ की भव्य प्राचीरों की कलात्मकता के सान्निध्य में मीर ने अपने चिर-परिचित अंदाज में जब सुरमई कार्यक्रम का आगाज किया तो मानों सुरों की दीपावली से समूचा परिसर जगमगा उठा। मुख्य अतिथि जस्टिस संदीप मेहता, कार्यक्रम अध्यक्ष पूर्व सांसद गजसिंह, स्वरसुधा के संस्थापक सदस्य जेएल तलवार, आइआरएस नरेन्द्र कुमार, गौरव जैन आदि अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित किया। स्वरसुधा अध्यक्ष चन्द्रा बूब, कार्यक्रम संयोजक अनुराग मेहता, सचिव विवेक कल्ला, आसेन्द्र सोनी ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन अनुराधा आडवाणी ने किया। कार्यक्रम में अतिथियों ने स्वरसुधा के संस्थापक सदस्य जेएल तलवार को लाइफ टाइम एचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया।