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Air Pollution: बारिश से धोया आसमां, 2 महीने बाद साफ हुई शहर की हवा

Air Pollution
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Air Pollution: बारिश से धोया आसमां, 2 महीने बाद साफ हुई शहर की हवा

Air Pollution: बारिश से धोया आसमां, 2 महीने बाद साफ हुई शहर की हवा


जोधपुर. मारवाड़ के अधिकांश हिस्सों में रविवार को दिनभर हुई बरसात ने आसमां की गंदगी धो डाली। दो महीने बाद जाकर जोधपुर सहित पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश शहरों में वायु प्रदूषण Air Pollution कम हुआ और सांस लेने लायक ताजा सांसें उपलब्ध हो सकी। जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, जालोर, सिरोही में सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 100 के नीचे आ गया। हवा में धूल कणों, कार्बन, धातु कण, गैसें सहित अन्य हानिकारक तत्व बारिश के पानी में बह गए।

सितम्बर में मानसून जाने के बाद जोधपुर सहित अधिकांश शहरों में बीते दो महीने से एक्यूआई 200 से ऊपर पहुंच गया। कई बार 300 के आसपास भी रहा जो सांस लेने के लिए खराब होता है। इस मौसम में अस्थमा सहित सांस की बीमारियों के मरीजों को काफी परेशानी हुई।

इन शहरों की हवा अच्छी
शहर-------------- एक्यूआई
जोधपुर ----------- 98
बाड़मेर ----------- 78
जैसलमेर-----------94
जालोर ----------- 89
सिरोही ----------- 71
उदयपुर -----------66
बांसवाड़ा ----------- 65
रामसमंद-----------69

10 शहरों में हवा का स्तर मध्यम, 8 में खराब हवा
प्रदेश के बारां, भीलवाड़ा, बीकानेर, नागौर, बूंदी, चितौड़गढ़, चूरू, झालावाड़, पाली, सवाई माधोपुर में एक्यूआई 100 से 200 के मध्य रहा यानी इन शहराें में वायु प्रदूषण का स्तर मध्यम रहा। अलवर, भरतपुर, जयपुर, झुंझनूं, कोटा, सीकर, श्रीगंगानगर, टोंक में एक्यूआई 200 से 300 के मध्य रहा यानी यहां हवा खराब रही। भिवाड़ी, दौसा और धौलपुर में 300 से 400 के मध्य रिकॉर्ड हुआ यहां बेहद खराब हवा थी। हनुमानगढ़ में एक्यूआई 416 रहा जो देश का सबसे प्रदूषित शहर भी था।

धूल कणों का रहता है प्रदूषण
सर्दी के मौसम में हवा मंद रहने और उत्तरी-पश्चिमी हवा बहने से हवा में धुंध (स्मॉग) छाई रहती है। धुंध में मुख्य रूप से पार्टिकुलेट मैटर (पीएम 10 व पीएम 2.5) होता है, जिसमें बहुत बारीक ठोस कणों के साथ पानी की बूंदें होती है जो धुंआ जैसा बना देती है। इसमें धूल कण, कार्बन कण, नाइट्रेट, सल्फेट, एल्यूमिनियम, निकल, आर्सेनिक जैसे धातु कण, कार्बनिक रसायन और कई तरह के अमल शामिल होते हैं। यह सांस में जाकर परेशानी पैदा करते हैं। इन दिनों हवा की गति मंद होने से निचले वायुमण्डल में ये प्रदूषक िस्थर हो जाते हैं।