
सोलंकियातला सरपंच के आत्महत्या मामले में गांव में पसरा सन्नाटा, नहीं खुले बाजार
वीडियो : कंवराज सिंह/सेतरावा/जोधपुर. सोलंकियातला सरपंच गोपाल सिंह राठौड़ के आत्महत्या प्रकरण को लेकर यहां गमगीन माहौल रहा। वहीं दूसरी ओर दर्ज इस मामले के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर लोगों में गुस्सा भी साफ दिखा। शोक व गमगीन माहौल के बीच लगातार दूसरे दिन गांव गलियों में सन्नाटा पसरा रहा। हर कोई इस घटना से स्तब्ध था। गांव के काफी लोग शेरगढ़ जा चुके थे। जहां सरपंच गोपाल सिंह राठौड़ का शव शेरगढ़ मोर्चरी में था। परिवार की ओर से दर्ज मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से वहां मामला गरमाया हुआ था। वहीं मामले की जानकारी के लिए क्षेत्र वासी दिनभर जानकारी जुटाने में लगे रहे।
आईटी भवन को किया सील
परिवार की ओर से दर्ज मामले में ग्राम पंचायत के कामकाज में दखलनदाजी व घोटाले का जिक्र होने तथा सरपंच के सुसाइड नोट में भी इसका उल्लेख होने पर शेरगढ़ विकास अधिकारी ने सोलंकियातला गांव के राजीव गांधी सेवा केंद्र को सील करवा दिया।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए विकास अधिकारी के आदेशानुसार गांव सोलंकियातला श्री राजीव गांधी गांधी सेवा केंद्र को शेरगढ़ थाना भवानी सिंह द्वारा सील किया गया। इस कायॉलय के सील होने की सूचना का ताला लटका हुआ मिला।
लगाए पुलिस विरोधी नारे
परिजन ग्रामीण कल सुबह से ही थाने के आगे जमा हो गए और आरोपियों को गिरफ्तार करने 50 लाख रुपए का मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग करने लगे।
सवेरे पूर्व विधायक बाबूसिंह राठौड़ के नेतृत्व में भीड़ ने पुलिस विरोधी नारे लगाए। अपरान्ह में भीड़ में मेघा हाईवे पहुंच गई थी। वाहनों का आवागमन रोकने के लिए लोग पत्थर डालने लगे थे लेकिन पुलिस ने समझाइश कर रोक लिया था।
यह था मामला
गौरतलब है कि बुधवार सवेरे सोलंकियातला सरपंच गोपाल सिंह राठौड़ ने अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी थी। सरपंच पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में बताये जा रहे थे। उनका लिखा 34 पेज का सुसाइड नोट भी मिला था। इसके बाद पुलिस द्वारा मृतक का शव कब्जे में लिकर शेरगढ़ मोर्चरी में रखवा गया था।
वहीं मृतक के परिजनों की ओर से दर्ज रिपोर्ट व सुसाइड नोट के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक सरपंच का शव नहीं उठाने पर परिजन अड़ गए थे। कल दिनभर शेरगढ़ में माहौल गर्माया रहा। गुरुवार शाम को शेरगढ़ विधायक बाबू सिंह राठौड़ व प्रतिनिधी मंडल की ग्रामीण एसपी से हुई वार्ता सफल रही। इसके बाद ग्रामीण माने। शुक्रवार सवेरे शेरगढ मोर्चरी से सरपंच का शव सोलंकियातला उनके आवास लाया गया।
इनका कहना है
सरपंच बीमार रहने के कारण पंचायत समिति कार्यालय में कभी-कभार ही आते थे। उन्होंने कभी इस बारे में उनसे शिकायत नहीं की अगर वह इस बारे में बताते हुए तो जांच कर दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की की जाती। मंगलवार की रात गुलाबसिंह ने फोन पर सरपंच की परेशानी के बारे में बताया था। मैंने बुधवार को सुबह मिल कर बात करने की कहीं लेकिन यह सुबह ही अनहोनी हो गई।
- भुवनेश्वरसिंह चौहान, विकास अधिकारी, शेरगढ़
Published on:
26 Jul 2019 01:55 pm
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