
फलोदी-पोकरण सीमा पर बनेगा सोलर पार्क, जमीन आवंटित
इसके लिए एक सौर ऊर्जा कंपनी को फलोदी-पोकरण सीमा पर करीब 10 हजार बीघा जमीन आवंटित की गई है। कंपनी ने आवंटित जमीनों का कब्जा भी ग्रहण कर लिया है। जहां अगले कुछ सालों मेे कई कंपनियां सूरज की तपिश से बिजली उत्पादन करती नजर आएंगी।राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिला कलक्टर, जोधपुर ने फलोदी तहसील के उग्रास गांव के खसरा नंबर 359, 360/20, 361 नगणेचीनगर के खसरा नंबर 416, 339, 441 व ढढू गांव के खसरा नंबर456 में कुल 4 हजार 800 बीघा जमीन एक सौर ऊर्जा कंपनी को आवंटित की है। इनके साथ ही फलोदी तहसील के इन गांवों से सटे पोकरण क्षेत्र के लवां व पुरोहितसर गांवों में भी करीब 5 हजार बीघा जमीन इस कपनी को आवंटित की गई है। इस पूरी जमीन पर 770 मेगावॉट क्षमता का सोलर पार्क विकसित करना प्रस्तावित किया गया है। कंपनी को फलोदी क्षेत्र में आवंटित जमीन का कब्जा गत दिनों सौपा जा चुका है।
विकास के खुलेंगे द्वार -
फलोदी-पोकरण सीमा पर सोलर पार्क की स्थापना से विद्युत उत्पादन के साथ इस क्षेत्र के विकास को भी रफ्तार मिलेगी। इस क्षेत्र में रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे तथा पानी, बिजली, सड़क आदि बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा।
भड़ला सोलर पार्क से मिल रही बिजली -
फलोदी के भड़ला (बाप) क्षेत्र में पूर्व में स्थापित 2255 मेगावॉट क्षमता के सोलर पार्क के लिए 10 हजार हैक्टेयर जमीन आवंटित की गई थी। इसका विकास तीन चरणों में किया जाना है। यहां से वर्तमान में रोजाना करीब 38 लाख व आस-पास के क्षेत्रों में स्थापित सौर ऊर्जा इकाइयों से रोजाना करीब 28 लाख यूनिट विद्युत उत्पादन हो रहा है।
सौर ऊर्जा कंपनी को जमीन आवंटन पर विरोध के स्वर मुखर -
पोकरण सीमा पर सोलर पार्क के लिए जमीन आवंटन के साथ ही विरोध के स्वर मुखर होने लग गए हैं। उग्रास गांव के ग्रामीणों ने रविवार को बैठक आयोजित करके इस जमीन से बेदखली की आशंका जताते हुए अपना विरोध व्यक्त किया है।
पूर्व प्रधान भवानीसिंह राठौड़, माणक मेघवाल की उपस्थिति में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लिया तथा जिला कलक्टर को ज्ञापन भेजकर बताया कि सोलर पार्क की स्थापना के लिए एक सोलर कंपनी को उग्रास, नगणेची नगर व ढढू गांवों के विभिन्न खसरों की 4 हजार 800 बीघा जमीन आवंटित की गई है।ज्ञापन में बताया गया कि उक्त भूमि में मंदिर, खनन स्थल आदि कई स्थल बने हुए हैं। गांव के कई परिवार खनन से अपनी रोजी-रोटी चलाते हैं, लेकिन जिस कंपनी को यह जमीन आवंटित की गई है, उस कंपनी ने हाल ही में इस जमीन पर पिलर मार्क लगवा दिए हैं और इस जमीन को अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया जा रहा है। जिससे लोगों में प्रशासन व कंपनी के प्रति भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने यह आवंटन निरस्त करने अन्यथा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
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Published on:
06 Aug 2018 11:38 am
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