26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आयुर्वेद में निसन्तानता का चौंकाने वला समाधान आया सामने, हर निराश मां की गोद में गुंजेगी किलकारियां..

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन् राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय पहुंचे दईजर निवासी मुकेश और उनकी पत्नी साक्षी को विवाह के तीन वर्ष बाद भी गर्भधारण नहीं हो..

2 min read
Google source verification
solution to infertility in ayurved

solution to infertility in ayurved

- पंचकर्म सहित अन्य क्रियाओं से आयुर्वेद विवि ने नि:संतान दंपत्तियों को दिया संतान सुख

जोधपुर. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन् राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय पहुंचे दईजर निवासी मुकेश और उनकी पत्नी साक्षी को विवाह के तीन वर्ष बाद भी गर्भधारण नहीं हो रहा था। जांच में पता चला कि महिला के अण्डाणु अपरिपक्व थे। महिला के पंचकर्म उपचार के बाद गर्भाशय शोध व अण्डाणु के लिए औषध सेवन किया गया। हाल ही में महिला ने स्वस्थ शिशु को जन्म दिया है। साक्षी की तरह विवि के स्त्रीरोग विभाग में नि:संतानता की समस्या से पीडि़त छह महिलाओं का इलाज कर उन्हें मातृत्व सुख दिया।

विवि की प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रश्मि शर्मा ने बताया कि प्राकृतिक चिकित्सा प्रणाली जैसे स्नेहन, अभ्यंग, विरेचन आदि पंचकर्म के उपक्रमों से उपचार करने के कारण आयुर्वेदिय उपचार हानिरहित हैं। इसमें काम आने वाली औषधियां जैसे निम्ब, हल्दी, अजवाइन प्राकृतिक होती है। महिलाओं में अण्डे का न बनना, बीजवाहिनियों की विकृति, गर्भाशय की विकृति और अन्त:स्रावों का असन्तुलन जैसी कई बीमारियों को आयुर्वेदिक इलाज से पूर्णतया खत्म किया जा सकता है।

हानिरहित है इलाज
वर्तमान जीवनशैली, आधुनिक खानपान और मानसिक तनाव के कारण आज के समय में दम्पत्तियों में नि:सन्तानता की समस्या बड़ी तेजी से बढ़ रही है। विवाहित जोडो के लिये यह एक बहुत बडा अभिशाप बन जाती है और इलाज के लिए कई बार नि:संतान दंपत्ति एलोपैथी में लाखों रुपए खर्च कर इलाज करवाते हैं, लेकिन आयुर्वेद पद्धति में नि:सन्तानता की चिकित्सा के विस्तृत उपाय बतायें गये हैं, जिनसे आसानी से हानिरहित इलाज संभव है।


स्वस्थ शिशु जन्मे

'नि:सन्तानता से ग्रसित 6 से 7 रोगिणियां आयुर्वेद चिकित्सालय में उपचार के उपरान्त न केवल गर्भधारण में समर्थ हुई अपितु उन्होंने स्वस्थ शिशु को भी जन्म दिया। आयुर्वेदिक उपचार द्वारा पूर्व में अनेक महिलाएं इन बीमारियों से मुक्त होकर वर्तमान में स्वस्थ जीवन जी रहीं है।Ó
प्रो. राधेश्याम शर्मा, कुलपति, आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर