
सेन्ट्रल जेल जोधपुर
जोधपुर.
लद्दाख के लेह में हिंसा के मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून रासुका के तहत सोनम वांगचुक के नजरबंद होने से केन्द्रीय कारागार जोधपुर में कड़ी चौकी बरती जा रही है। इसके बावजूद जेल में बंदियों के पास मोबाइल मौजूद हैं। पुलिस व प्रशासन की दो घंटे सर्च के दौरान शुक्रवार शाम लावारिस हालत में एक मोबाइल जब्त किया गया।
जेल में बंदियों के पास निषेध व आपत्तिजनक सामग्री होने के संदेह में आइपीएस सहायक पुलिस आयुक्त पूर्व प्रतीक सिंह के नेतृत्व में पुलिस व प्रशासनिक शाम चार बजे जोधपुर जेल की आकस्मिक तलाशी लेने पहुंचे। तहसीलदार और छह थाना प्रभारियों के साथ शाम छह बजे तक बंदियों के बैरिकों की तलाशी ली गई। इस दौरान लावारिस हालत में एक मोबाइल नजर आया। आस-पास कोई बंदी नहीं था। पुलिस ने मोबाइल के बारे में बंदियों से पूछताछ की, लेकिन सभी ने अनभिज्ञता जताई। रातानाडा थानाधिकारी दिनेश लखावत ने बताया कि अज्ञात बंदी के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू की है।
सर्च के दौरान सोनम वांगचुक बंदियों की बजाय डिस्पेंसरी के पास आसाराम की बैरक में बंद रखा गया है। उसकी तलाशी नहीं ली गई। हाईकोर्ट के आदेश पर आसाराम को इलाज के लिए पुलिस हिरासत में भगत की कोठी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
Updated on:
10 Oct 2025, 11:51 PM IST
Published on:
10 Oct 2025, 11:51 PM IST
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