
जोधपुर. केन्द्रीय शुष्क क्षेत्र अुनसंधान संस्थान (काजरी) में बुधवार को आईसीएआर प्रायोजित कृषि में ऊर्जा -जल-खाद्य सुरक्षा के लिए सौर फ ोटोवोल्टाइक और थर्मल अनुप्रयोग विषय पर 21 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
मुख्य अतिथि राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान के पूर्व निदेशक मुख्य अतिथि डॉ. केडी शर्मा ने कहा कि राजस्थान राज्य सौर ऊर्जा के मुख्य केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। कृषि कार्य में विद्युत ऊर्जा के विकल्प के रूप में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। उन्होंने गुजरात राज्य की भी चर्चा की जहां नहरों के ऊपर सौर पीवी स्थापित किया गया है। इससे वास्पोष्सर्जन तो कम होता ही है जल का तापमान भी स्थिर रहता है। अध्यक्षता करते हुए काजरी निदेशक डॉ. ओपी यादव ने अपने सम्बोधन में सौर प्रणाली की उपयोगिता, वर्तमान में चल रहे कार्यों और भविष्य में इसकी जरूरतों के बारे मे विस्तार से बताया। कृषि अभियांत्रिकी और नवीकरणीय विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दिलीप जैन, समन्यवक डॉ. प्रियब्रत सांतरा, डॉ. रंजय कुमार सिंह और डॉ. सुरेंद्र पुनिया ने विचार रखे।