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आइआइटी जोधपुर में प्रदेश का पहला बायोनेस्ट बायो इनक्यूबेटर

- बायोटेक्नोलॉजी और मेडिकल क्षेत्र में स्टार्ट अप को मिलेगा बढ़ावा - 40 इनक्यूबेटिज अपने आइडिया पर कर सकेंगे काम- वर्तमान में देश में है 52 बायो इनक्यूबेटर
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आइआइटी जोधपुर में प्रदेश का पहला बायोनेस्ट बायो इनक्यूबेटर

आइआइटी जोधपुर में प्रदेश का पहला बायोनेस्ट बायो इनक्यूबेटर

जोधपुर. प्रदेश का पहला बायोनेस्ट बायोइनक्यूबेटर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) जोधपुर में शुरू होने जा रहा है। इसके लिए आइआइटी जोधपुर में विशेष इनक्यूबेशन सेंटर बनाया जाएगा, जिसमें बायोटेक्नोलॉजी और मेडिकल क्षेत्र से संबंधित नए आइडिया और स्टार्ट अप पर काम हो सकेगा।
केंद्रीय विज्ञान एवं तकनीकी मंत्रालय के अंतर्गत बायोटेक्नोलॉजी विभाग (डीबीटी) ने देश में बायोटेक अनुसंधान का वातावरण विकसित करने के उद्देश्य से बायोनेस्ट (बायो इनक्यूबेटर नर्चरिंग एंट्रीपे्रन्योशिप फॉर स्केलिंग टेक्नोलॉजी) योजना शुरू की है। यह ठीक वैसा ही जैसा वर्तमान में आइटी सेक्टर में नित नए स्टार्ट अप देखने को मिल रहे हैं। इसमें आइटी की जगह केंद्रीय भूमिका बायोटेक और मेडिकल क्षेत्र की है। योजना के अंतर्गत डीबीटी ने आइआइटी जोधपुर को ४.५ करोड़ रुपए का फण्ड दिया है। इस फण्ड से बायो लेबोरेट्री फैसिलिटी, स्टार्ट अप टेस्टिंग फैसिलिटी और कार्मिक की भर्ती की जाएगी। देश में वर्तमान में ५२ बायोनेस्ट बायोइन्यूबेटर है। इसमें सर्वाधिक दक्षिणी भारत में है। राजस्थान में यह पहला बायोइनक्यूबेटर शुरू होने जा रहा है।

४० इनक्यूबेटिज कर सकेंगे आइडिया पर काम

आइआइटी जोधपुर के बायो इनक्यूबेटर में एक साथ ४० इनक्यूबेटिज के काम करने की योजना बनाई गई है। बायोटेक अथवा मेडिकल क्षेत्र में कार्यरत कोई भी व्यक्ति अथवा कम्पनी आइडिया लेकर आइआइटी जोधपुर आ सकती है। उनके बायो इनक्यूबेशन के आइडिया को कमेटी के समक्ष रखा जाएगा। कमेटी की अनुमति मिलने के बाद वे आइआइटी जोधपुर के बायो इनक्यूबेटर में अपने आइडिया पर काम कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें लेबोरेट्री, टेस्टिंग सहित कई अन्य सुविधाएं दी जाएगी। आइआइटी का सहयोग मिलेगा। आइआइटी जोधपुर में पहले से ही मेडिकल टेक्नोलॉजी पार्क भी है जहां आइआइटी, एम्स के साथ मिलकर काम कर रही है।

प्रोटोटाइप विकसित कर सकेंगे
बायोइनक्यूबेटर का उद्देश्य स्टार्ट अप व एंट्रीप्रेन्योर के लिए जगह उपलब्ध करवाना, इंडस्ट्री-एकेडमी के बीच नॉलेज शेयररिंग व सामंजस्य स्थापित करना, आईपी, टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट, लीगल और कॉन्ट्रेट के लिए सेवा व मेंटरशिप उपलब्ध करवाना है। इनक्यूबेटिज अपने उत्पाद अथवा आइडिया का प्रोटोटाइप विकसित करके इंडस्ट्री को दे सकेंगे।

वर्चुअल रोड शो से आज शुरुआत
बायोनेस्ट बायोइनक्यूबेटर का शुभारंभ सोमवार को आइआइटी जोधपुर में वर्चुअल रोड शो के जरिए किया जाएगा। इसमें निदेशक प्रो शांतनु चौधरी, बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल की डॉ चंद्रा माधवी, एम्स के एकेडमिक डीन डॉ कुलदीप सिंह, स्ट्रेंड लाइफ साइंसेज के निदेशक प्रो विजय चंद्रू, जौहरी डिजिटल हेल्थकेयर के सत्येंद्र जौहरी और आइआइटी में भौतिकी विभाग के अध्यक्ष प्रो एसआर वढेरा शामिल होंगे।