
जोधपुर . शिक्षा विभाग में इन दिनों पदोन्नति को लेकर लापरवाही के अजीब ही मामले सामने आ रहे हैं। इस कारण शिक्षकों के लिए विचित्र स्थिति उत्पन्न हो गई है।उप निदेशक माध्यमिक शिक्षा जोधपुर मंडल की ओर से तैयार की गई संस्कृत विषय की पदोन्नति प्रक्रिया में योग्यता की ढंग से जांच नहीं की गई। इस कारण इस प्रक्रिया में ऐसे शिक्षकों का डीपीसी में नाम डाल दिया गया, जिन्हें नियमानुसार कभी प्रमोशन नहीं मिल सकता। शिक्षा विभाग ने लेवल-1 (एसटीसी किए हुए) शिक्षक पूरी सरकारी सेवा तक बतौर तृतीय अध्यापक कार्यरत रहते हैं। जबकि लेवल-2 (बीएड किए हुए) शिक्षकों को पदोन्नति का लाभ दिया जाता है, लेकिन उप निदेशक माध्यमिक जोधपुर मंडल से लेवल-1 शिक्षकों के नाम डीपीसी में डाल दिए गए हैं। इन गड़बडिय़ों के चलते शिक्षा विभाग में लेवल-2 के योग्य शिक्षक पदोन्नति से वंचित रह गए हैं, जिन्हें अब रिव्यू डीपीसी से पदोन्नति देने का आश्वासन दिया जा रहा है। जबकि इस मामले में शिक्षा विभाग की ओर से कोई एक्शन नहीं लिया गया है। दो शिक्षकों ने कहा- हमारा नाम गलत
इस सम्बन्ध में लेवल-1 के दो शिक्षकों ने शिक्षा विभाग को पत्र लिख कर आगाह भी किया है। लोहावट ब्लॉक के राउमावि नौसर के एक शिक्षक ने कहा कि उनका नाम गलती से आ गया है। जबकि उनकी योग्यता एसटीसी है, संस्कृत विषय उनका नहीं है। वहीं भोपालगढ़ राउप्रावि के एक शिक्षक ने भी डीईओ प्रारंभिक व माध्यमिक को पत्र लिख कहा कि वे भी इस पद की योग्यता नहीं रखते। उसके बावजूद डीपीसी सूचियों में दोनों का नाम लिख दिया गया। शिक्षा विभाग की इस लापरवाही से लेवल-2 के कई योग्य शिक्षक डीपीसी लाभ से वंचित हो रहे हैं।
इनका कहना है
नाम कटवा देंगे, शाला दर्शन पर गलत एंट्री की हुई थी। हम उनके नाम हटवा देंगे।
- धर्मेंद्रकुमार जोशी, डीईओ प्रारंभिक प्रथम
पहले जानकारी लूं
इस बारे में जानकारी लेता हूं। फिर आगे बता पाऊंगा।
- रामेश्वरप्रसाद जोशी, डीईओ माध्यमिक प्रथम, जोधपुर
Published on:
16 May 2018 02:42 pm
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