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पंचायतों की स्टीरियोटाइप मानसिकता टीकाकरण में बाधक

jnvu news - कोरोना से सीख: पंचायतों की मजबूती की आवश्यकता विषयक वेबिनार
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पंचायतों की स्टीरियोटाइप मानसिकता टीकाकरण में बाधक

पंचायतों की स्टीरियोटाइप मानसिकता टीकाकरण में बाधक

जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के नेहरू स्टडी सेंटर द्वारा कोरोना से सीख: पंचायतों की मजबूती की आवश्यकता विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया।
मुख्य वक्ता मध्यप्रदेश सामाजिक विज्ञान शोध संस्थान उज्जैन के निदेशक प्रो. यतींद्र सिंह सिसोदिया ने कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए पंचायत राज संस्थाओं की मजबूती को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पंचायतें एक विभाग के रूप में काम करती रही है। उसे तीसरी सरकार का स्वरूप प्रदान किए बिना इस प्रकार की आपदाओं से बचा नहीं जा सकता है। पंचायतों की स्टीरियोटाइप मानसिकता वैक्सिनेशन अभियान में बाधक है। दूसरे मुख्य वक्ता पूर्व समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. केएन व्यास के अनुसार पिछले एक वर्ष से खंडन और मंडन की राजनीति की वजह से कोरोना संकट बढ़ा है।
जेएनवीयू कुलपति कुलपति प्रो. पीसी त्रिवेदी ने पंचायत राज संस्थान को अंतिम व्यक्ति की समस्या का समाधान करने का यंत्र बतलाया। संयोजक डॉ. दिनेश गहलोत, समन्यव्यक डॉ. राजश्री राणावत, लूणी पंचायत समिति के बीडीओ, डॉ. तेजपाल विश्नोई, जालोर के बीडीओ नारायण सिंह राजपुरोहित ने प्रकाश डाला।