अब भी घरों में हो रहे प्रसव

 

 

-चिकित्सा विभाग ने जताई चिंता

By: Abhishek Bissa

Published: 28 Feb 2021, 11:34 PM IST

जोधपुर. जोधपुर जैसे बड़े शहर में भी घरों में प्रसव होने चिकित्सा विभाग चिंतित हैं। जोधपुर शहर में साल 2019 अप्रेल से 31 मार्च 2020 तक 187 प्रसव घर में हो गए। 1 अप्रेल 2020 से फरवरी 2021 तक जोधपुर में कुल 225 प्रसव घर में हो गए। हालांकि 2019-20 मेें 34 के घर से संबंधित चिकि त्सा विभाग के कार्मिकों व सेवानिवृत्त प्रशिक्षित कार्मिकों को सूचना मिल गई और उनकी मौजूदगी में प्रसव हुए। लेकिन 153 प्रसव बगैर प्रशिक्षित अनट्रेंड परिजनों या दायी के बीच हो गए। इसी प्रकार वित्तिय वर्ष 2021 फरवरी तक में शहर में घरों के प्रसव का दायरा और बढ़ गया। 106 प्रसव घरों में चिकित्सा टीम या अन्य सेवानिवृत्त प्रशिक्षित की देखरेख में हुए और 169 प्रसव अप्रशिक्षित परिजनों या दाई की मौजदूगी में हुए।

आरसीएचओ डॉ. दवे ने जारी किया जिले में पत्र

आरसीएचसओ डॉ. कौशल दवे जिले व शहर में बढ़ते घरेलू प्रसव मामले में चिंता जताई। पीसीटीएस पोर्टल की समीक्षा में सामने आया कि घरेलू प्रसव में कुछ खंड व शहरी क्षेत्रों में वृद्धि पाई गई है। जो जिले मातृ-शिशु सेवाओं पर प्रश्न चिन्ह लगाती है। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्र में घरेलू प्रसव कमी रही, जो सराहनीय है। जहां घरेलू प्रसव में वृद्धि हुई है, वे न्यूनता के लिए प्रयासरत रहे।

इन डिस्पेंसरी एरिया में इतने हुए घरेलू प्रसव

बागर चौक-5, कुड़ी हाउसिंग बोर्ड-32, महामंदिर डिस्पेंसरी-24, सेक्टर प्रतापनगर-6, नवचौकिया डिस्पेंसरी-4, जूनी मंडी डिस्पेंसरी- 1, बीजेएस डिस्पेंसरी-19, चांदणा भाकर-20, यूपीएचसी चौपासनी-54, चांदपोल यूपीएचसी-82, यूपीएचसी कलाल कॉलोनी-27, यूपीएचसी मसूरिया-2, यूपीएचसी शोभावतों की ढाणी-89, यूपीएचसी उदयमंदिर-2 सहित कई डिस्पेंसरी क्षेत्र में घरों में प्रसव हुए हैं।

( ये आंकड़े साल 2020 व 2021 के अब तक के वित्तिय वर्ष के है।)

जिले में घरेलू प्रसव के मामलों पर एक नजर

ब्लॉक- 2020-2021

बालेसर-185-237

बाप-398-368

बावड़ी-55-50

भोपालगढ-32-52

बिलाड़ा-100-96

लूणी-255-320

मंडोर-92-103

ओसियां-520-458

शेरगढ़-63-57

(ये आंकड़े वित्तीय वर्ष अनुसार है )

होम डिलीवरी दो तरह की होती है: सीएमएचओ

होम डिलीवरी में दो बातें हैं, एक में स्कील वर्क अटैंडेंट होता है, जो उम्मेद अस्पताल में ट्रेनिंग ले चुका हो, रिटायर्ड नर्स व डॉक्टर सम्मिलित हैं। इसमें कोई इश्यू नहीं होता है। इनके अलावा डिलीवरी किसी अन्य अप्रशिक्षित ने करवाई है तो वह गलत है। हमारी कोशिश है कि संस्थागत प्रसव हो।

- डॉ. बलवंत मंडा, सीएमएचओ

तथ्यात्मक जानकारी लेंगे

ये रिपोर्ट जो सामने आई है, उस पर तथ्यात्मक जानकारी भी लेंगे। अपलोड हो रखी रिपोर्ट सही है तो गंभीर बात है। कई जगह लोग लॉकडाउन के चलते साधनों का अभाव समझ बैठे और प्रसव कराने स्वास्थ्य केंद्र नहीं पहुंचे। पूरे मामले की तह तक जाएंगे।
- डॉ. कौशल दवे, आरसीएचओ

Abhishek Bissa Reporting
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