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कांगो फीवर से बोरूंदा की पशुपालक महिला की मौत, अंतिम संस्कार में शामिल लोगों के सैंपल लेकर करवाई फॉगिंग

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जोधपुर एम्स) में भर्ती क्रीमियन कांगो हैमरेजिक फीवर से पीडि़त बोरूंदा निवासी एक महिला की मौत हो गई। मृतक महिला पशुपालक थी, जिसकी मौत के बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
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stock breeder woman from borunda of jodhpur died of congo fever

कांगो फीवर से बोरूंदा की पशुपालक महिला की मौत, अंतिम संस्कार में शामिल लोगों के सैंपल लेकर करवाई फॉगिंग

जोधपुर. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जोधपुर एम्स) में भर्ती क्रीमियन कांगो हैमरेजिक फीवर से पीडि़त बोरूंदा निवासी एक महिला की मौत हो गई। मृतक महिला पशुपालक थी, जिसकी मौत के बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आई। एम्स से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के पास इस संबंध में रिपोर्ट आने के बाद मंगलवार सुबह टीमें बोरूंदा पहुंची। वहां महिला के परिजन के सैंपल लिए गए। जोधपुर में अब तक कांगो फीवर के दो मरीज सामने आ चुके हैं, जिसमें से एक की मौत हो गई।

कांगो फीवर से महिला की मौत की पुष्टि एम्स अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविंद सिन्हा ने की है। एम्स में कांगो फीवर के दो संदिग्ध रोगी भर्ती थे। इसमें फिलहाल एक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद सीएमएचओ डॉ. बलवंत मंडा मंगलवार को टीम के साथ बोरूंदा पहुंचे। गौरतलब है कि कांगो फीवर पीडि़त डाली बाई मंदिर निवासी मरीज अहमदाबाद अस्पताल से उपचार लेकर सोमवार सुबह जोधपुर पहुंच गया। फिलहाल इस मरीज को चिकित्सकों ने पांच दिन आइसोलेटेड रहने को कहा है।

50 से ज्यादा लोगों के सैंपल लिए

मृतक महिला का अंतिम संस्कार गांव में हुआ। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मृतक के अंतिम संस्कार में शामिल सभी लोगों व अन्य परिजन समेत 50 से ज्यादा सैंपल लिए। यहां आसपास के पशुबाड़ों में फोगिंग व स्प्रे करवाया जाएगा।


बड़ा सवाल : अस्पतालों के विवाद में तो नहीं गई जान?

एम्स प्रशासन ने गत 6 सितंबर को डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज को कांगो फीवर संदिग्ध मरीज को रैफर करने के लिए पत्र लिखा था। एम्स प्रशासन का कहना था कि उनके यहां ऐसे मरीजों को रखने के लिए अलग से सुविधा नहीं है। जबकि एमडीएम अस्पताल में ऐसे मरीजों के इलाज के लिए अलग से एक्यूट केयर वार्ड भी स्थापित किया गया था। सवाल यह है कि क्या इन विवादों के बीच इस महिला ने एम्स में दम तोड़ दिया? डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि एम्स खुद सक्षम है, ऐसे मरीजों का उन्हें इलाज करना चाहिए।