
मोहनवीणा के सुरों से कर रहे तनाव दूर
जोधपुर के सैन्यकर्मी शशिकांत कमल दे रहे ऑनलाइन संगीत की नि:शुल्क शिक्षा जोधपुर. कोरोना संकटकाल में उपजे तनाव को दूर करने में संगीत एक मजबूत सहारा बनता जा रहा है। घरों में परेशान लोगों में मानसिक तनाव बढऩे के साथ कई बीमारियां भी बढ़ती जा रही है। ऐसे में जोधपुर के मोहनवीणा वादक शशिकान्त कमल ऑनलाइन मोहनवीणा की सुरों और संगीत के माध्यम से तनाव को दूर कर सुकून पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। उनका कहना है की संगीत हो या योग दोनों ही नई ऊर्जा का संचार करते है। दोनों में ही ध्यान और एकाग्रचित्त होने की आवश्यकता है। संगीतज्ञ शशिकांत कमल ने पत्रिका से बातचीत में बताया की हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत से अच्छा दुनिया मे कोई और संगीत नही है । लेकिन मोहन वीणा के स्वर सीधे रूह तक पहुंचकर तनाव दूर करते है। बनारस घराने के सुप्रसिद्ध सितार वादक पं सतीश चन्द्र से संगीत की शिक्षा प्राप्त करने वाले शशिकांत कमल संगीत के साथ-साथ देश सेवा से जुड़े है और वायुसेना जोधपुर में अपना योगदान दे रहे है। कोरोना काल में ऑनलाइन संगीत की नि:शुल्क शिक्षा दे रहे है।
तीन वाद्ययंत्रो से बनी मोहनवीणा
सितार, सरोद,वीणा के त्रिवेणी से बना अदभुत रूहानी वाद्ययंत्र मोहणवीणा में 20 से 22 तारों का संगम है। इस वाद्ययंत्र को जोधपुर के ही निवासी पंडित-बृजभूषण काबरा ने हवायन गिटार को भारतीय शास्त्रीय संगीत में बजाकर पूरे विश्व में एक अलग पहचान बनाई। पं.विश्व मोहन भट्ट ने कई अभिनव प्रयोग और तार जोड़कर इसे एक मुकम्मल वाद्ययंत्र का स्वरूप दिया जिसके फलस्वरूप उन्हे ग्रेमी अवार्ड, पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित किया गया।
तनाव के राहत में सहयोगी म्यूजिक थेरेपी
कोरोना काल में तनाव दूर करने के लिए म्यूजिक थेरेपी कारगर साबित हो रही है। जैसे -राग यमन कल्याण मानसिक तनाव दूर कर मन को सुकून प्रदान करता है। है। राग - भुपाली ईश्वरीय शक्ति और राग - आहिर भैरव के श्रवण से (गठिया) जैसे रोग तक में काफी आराम मिलता है । मरुधरा की मिट्टी में राग मांड (केसरिया बालम आवो जी) का स्वर प्रभावी उर्जा का संचार करने में सक्षम है।
Published on:
08 Jul 2020 11:21 pm
