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जेएनवीयू छात्रसंघ चुनाव: संयुक्त महासचिव प्रत्याशियों को सबसे अधिक नकारते हैं छात्र, जानिए कारण

2016 से छात्र संघ चुनाव में नोटा शुरू होने के बाद संयुक्त महासचिव पद पर पड़े हैं सबसे अधिक नोटा, अध्यक्ष पद पर सबसे कम होता है नोटा का इस्तेमाल
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student use nota during electing Joint secretary general in jnvu

जेएनवीयू छात्रसंघ चुनाव: संयुक्त महासचिव प्रत्याशियों को सबसे अधिक नकारते हैं छात्र, जानिए कारण

गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के छात्र अपने छात्रसंघ चुनावों में सबसे अधिक संयुक्त महासचिव पद के प्रत्याशी को नापसंद करते हैं। हर साल की तरह इस साल भी संयुक्त महासचिव पद के लिए डाले गए वोट में सबसे अधिक नोटा (इसमें से कोई नहीं) का इस्तेमाल किया गया है।

सबसे कम नोटा अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के लिए पड़ते हैं। राज्य सरकार के निर्देश के बाद वर्ष 2016 से प्रदेश के विवि और कॉलेज के चुनावों में बैलेट पेपर पर नोटा का विकल्प शुरू हुआ, तब से लेकर आज तक नोटा का सर्वाधिक उपयोग संयुक्त महासचिव पद के लिए मतदान के समय हुआ है।

वर्ष 2016 और वर्ष 2017 में तो 1100 से अधिक छात्र छात्राओं ने संयुक्त महासचिव पद को नकार दिया था। इस साल कुल 20 हजार 155 मतदाताओं में से 11 हजार 415 ने मतदान किया। इसमें अध्यक्ष पद पर 46, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर 790, महासचिव पद पर 789 और संयुक्त महासचिव पद पर 887 नोटा का प्रयोग किया गया।

किस वर्ष कितने नोटा

पद -----------2019 -----------2018 ---------2017 -----------2016


अध्यक्ष -------- 46 -----------130 -----------61 -------------77
उपाध्यक्ष ------ 790 ----------797 -----------677 -----------469
महासचिव ----- 789 -----------341 -----------802 -----------388
संयुक्त महासचिव- 887 ------- 1122 --------- 1198 -----------585