
सडक़ों पर उतरे छात्र, भोपालगढ़ कॉलेज को बचाने के लिए प्रदर्शन
भोपालगढ़ (जोधपुर). महाविद्यालय में आवश्यक संसाधनों एवं फैकल्टी की कमी का हवाला देते हुए बीएड संकाय को बंद करने का आदेश दिए जाने के विरोध में छात्रसंघ अध्यक्ष लीला चौधरी एवं पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मनोहर मेघवाल की अगुवाई में कॉलेज छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया और बीएड कॉलेज को सुचारू रखने की मांग की। इस दौरान बीएड संकाय को बचाने के लिए क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के असहयोगी रवैये को लेकर भी नाराजगी जताई।
भोपालगढ़ कस्बे के श्री परसराम मदेरणा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राजकीय बीएड कॉलेज सत्र 2015-16 में शुरू हुआ था और पिछले चार बरसों में सैकड़ों विद्यार्थी यहां से बीएड प्रशिक्षण लेकर भावी शिक्षक के रुप में तैयार हैं।
लेकिन व्याख्याताओं एवं अन्य भौतिक संसाधनों की कमी के चलते एनसीटीई ने गत 12 सितम्बर को भोपालगढ़ कॉलेज को सेक्शन-17 के तहत शो कॉज नोटिस जारी कर 30 दिनों के भीतर इसका जवाब मांगा गया और साफ तौर पर कह दिया था, कि जब महाविद्यालय में पर्याप्त संसाधन ही उपलब्ध नहीं है, तो क्यों नहीं इस बीएड कॉलेज को बंद कर दिया जाए।
एनसीटीई की ओर से दिए गए इस नोटिस के बाद विद्यार्थियों ने कई दिनों तक आंदोलन भी किया था और जनप्रतिनिधियों ने भी महाविद्यालय में संचालित बीएड संकाय को बंद नहीं होने देने का आश्वासन दिया था।
लेकिन बावजूद इसके महाविद्यालय की ओर से पुरजोर तरीके से पैरवी नहीं किए जाने एवं समय पर यथोचित जवाब पेश नहीं किए जाने के बाद अब एनसीटीई की ओर से गठित एनआरएस कमेटी ने गत 15 अक्टूबर को हुई बैठक में भोपालगढ़ बीएड कॉलेज को बंद करने का निर्णय जारी कर दिया। जिसमें यह भी साफ कर दिया गया है, कि अब अगले शिक्षा सत्र से भोपालगढ़ कॉलेज में बीएड छात्रों का आवंटन नहीं किया जाएगा।
छात्रों ने किया विरोध-प्रदर्शन
वहीं दूसरी ओर एनसीटीई की ओर से भोपालगढ़ के सरकारी बीएड कॉलेज को बंद करने के आदेश जारी करने के विरोध में सोमवार को छात्रसंघ अध्यक्ष लीला चौधरी एवं पूर्व अध्यक्ष मनोहर मेघवाल की अगुवाई में महाविद्यालय के दर्जनें छात्र-छात्राओं ने महाविद्यालय के मुख्य द्वार के समक्ष एकत्रित होकर जमकर नारेबाजी एवं विरोध प्रदर्शन किया। कॉलेज को सुचारू रखने में क्षेत्र के प्रमुख जनप्रतिनिधियों द्वारा कोई खास रुचि नहीं लेने एवं इस मामले में उनके असहयोगी रवैये को लेकर भी नाराजगी जताई।
Published on:
23 Oct 2018 03:26 pm
