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अधीनस्थ स्वास्थ्य संशोधित नियमों को हाईकोर्ट में चुनौती
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अधीनस्थ स्वास्थ्य संशोधित नियमों को हाईकोर्ट में चुनौती

चिकित्सा सचिव और अन्य पक्षकारों को नोटिस  
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जोधपुर.

राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधीनस्थ संशोधित नियम -2018 को चुनौती देने वाली याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट ने चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग के सचिव व अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

याचिकाकर्ता छगनलाल की ओर से अधिवक्ता डॉ. नुपूर भाटी ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने प्रयोगशाला सहायक पद के लिए शैक्षणिक और व्यावसायिक योग्यता में संशोधन करते हुए 23 मई, 2018 को एक अधिसूचना जारी की थी।

इस अधिसूचना में विनिर्दिष्ट योग्यता के आधार पर चिकित्सा निदेशालय ने 29 मई, 2018 को प्रयोगशाला सहायक पदों के लिए विज्ञप्ति प्रकाशित की गई।

इसमें राज्य सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों में प्रयोगशाला सहायक और लैब टेक्नीशियन के पद पर 3 साल का अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को ही योग्य माना गया।

जबकि राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधीनस्थ नियमों के अनुसार समान पद पर कार्य करने वाले सभी योग्य अभ्यर्थियों को प्रयोगशाला सहायक भर्ती – 2018 में बोनस अंक देने का प्रावधान रखा गया है।

साथ ही लैब टेक्नीशियन व प्रयोगशाला सहायक के समान पदों पर कार्यरत अन्य अभ्यर्थियों को अयोग्य माना गया।

भाटी ने बताया कि राज्य सरकार ने इस संशोधन से समान पदों पर कार्यरत अन्य योग्य अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया।

सुनवाई के बाद वरिष्ठ न्यायाधीश संगीत लोढ़ा तथा न्यायाधीश दिनेश मेहता की खंडपीठ ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सचिव सहित अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया।