पाक में पूरे मानसून अण्डे देगी टिड्डी, भारत को बॉर्डर पर रहना होगा तैयार

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- एफएओ ने भारत को चेताया, म्यांमार भी डरा, अपने देश में अलर्ट जारी किया
- पाक के दक्षिण हिस्से में टू स्टार, थ्री स्टार हॉपर की भरमार, बाड़मेर में खतरा

By: Gajendrasingh Dahiya

Published: 07 Jul 2020, 11:55 PM IST

जोधपुर. टिड्डी को रोकने के लिए भातर भले ही एडी-चोटी का जोर लगा रहा है लेकिन उसे पूरे मानसून राजस्थान बॉर्डर पर अलर्ट रहना होगा। पाकिस्ताान के सिंध प्रांत में टिड्डी लगातार प्रजनन करती रहेगी, जिससे दल बनते रहेंगे और बॉर्डर पार करके भारत आते रहेंगे। ईरान में टिड्डी खत्म होने वाली है। पाकिस्तान के दक्षिण सूबे ब्लूचिस्तान में भी टिड्डी कम हो गई है। अब टिड्डी भारत से लगते पाकिस्तान के सिंध प्रांत और सिंघु घाटी में आ गई है जहां से आगे राजस्थान बॉर्डर है। यहीं पर टिड्डी समर ब्रीडिंग करती है। उधर नेपाल में टिड्डी ने करीब 1100 हेक्टेयर में फसलों को नुकसान पहुंचाया है। बिहार तक टिड्डी देखकर म्यांमार ने भी अपने देश में अलर्ट जारी कर दिया है।
संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनओ) के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) की अध्यक्षता में सोमवार को हुई दक्षिण एशियाई देशों की बैठक में एफएओ ने भारत-पाक दोनों को सावधान रहने को कहा। बैठक में भारत, पाकिस्तान, ईरान और अफगानिस्तान शामिल हुए। पाक ने बताया कि वर्तमान में सिंध के दक्षिण हिस्से में टू स्टार व थ्री स्टार कैटेगरी के हॉपर है जो मानसूनी बरसात मिलते ही पंख वाली गुलाबी टिड्डी में बदल जाएंगे।

पाक बोला, मार रहे हैं जनाब

समुचित संख्या में टिड्डी का खात्मा नहीं होने पर एफएओ के कीथ क्रिसमैन ने पाकिस्तान को टिड्डी पर हमला करने के लिए कहा तो पाक ने प्रति उत्तर में कहा- ‘मार रहे हैं जनाब। हम पूरी कोशिश कर रहे हैं।’ भारतीय अधिकारियों का कहना है कि पाक केवल आश्वासन देता है।

अब तक 16 वर्चुअल बैठक, सामने आने से डर रहा
यूएनओ के दबाव के कारण अप्रेल से लेकर अब तक दक्षिण एशिया बैठक के मंच पर भारत और पाकिस्तान की 16 वर्चुअल बैठक हो चुकी हैं जबकि एक दूसरे के देश में जाकर बैठक करने से पाक इनकार कर रहा है। नवम्बर 2019 के बाद 18 जून 2020 को मुनाबाव में भारत-पाक के टिड्डी अधिकारियों की बैठक होनी थी लेकिन पाक आया नहीं।

अभी तक केवल कपास की फसल को नुकसान

खरीफ की फसल की बुवाई चलने से अभी तक राजस्थान में केवल कपास की फसल को ही टिड्डी ने नुकसान पहुंचाया है। कृषि अधिकारियों के मुताबिक श्री गंगानगर में 4500 हेक्टेयर, हनुमानगढ़ में 9000 हेक्टेयर, बीकानेर में 830 हेक्टेयर, नागौर में 70 हेक्टेयर कपास की फसल को नुकसान हुआ है। प्रत्येक सेक्टर में 2000 किलो कपास होती है जिसकी कीमत करीब सवा लाख रुपए है।

देश के 6 राज्यों में अलर्ट

टिड्डी के खतरे को देखते हुए केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने देश के छह राज्यों राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, उत्तरप्रदेश, पंजाब और हरियाणा में अलर्ट जारी किया है। यहां कृषि विभाग और प्रशासन को पूरे मानसून अलर्ट मोड पर रहना होगा।

Gajendrasingh Dahiya Reporting
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